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ब्लॉक के खरीदी केंद्रों से धान का उठाव नहीं, खुले में पड़े हैं धान की कट्टा, ज़िम्मेदार भी मौन

रानीतराई : दुर्ग जिला अंतर्गत पाटन ब्लॉक के धान खरीदी केंद्रों में अव्यवस्था का आलम बहुत ज्यादा देखने को मिल रहा है। जिस पर शासन प्रशासन की अनदेखी स्पष्ट दिखाई दे रही है। आपको बता दें 15 नवंबर से धान खरीदी की शुरुआत समर्थन मूल्य में छत्तीसगढ़ शासन के द्वारा की गई है। उस दिन से आज तक किसान लगभग भटकते हुए नजर आए, कभी टोकन के चक्कर काटने के लिए, तो कभी ऑफ लाइन टोकन के लिए तो कभी घर में रखें धान के सत्यापन के लिए कटघरे में खड़े हुए नजर आए।

छत्तीसगढ़ किसान के आज धान खरीदी की अंतिम दिन है। जब से धान की खरीदी हुई है तब से धान का उठाव नहीं हो रही है। जिस पर समिति प्रबंधकों को भी चिंता सता रही है। वहीं खरीदी केंद्रों में स्टॉक अत्यधिक होने के कारण कई सोसाइटियों में खरीदी केंद्रों के बाहर ही खरीदी की जा रही है। जहां समिति के द्वारा किसी भी प्रकार की सुरक्षा धान के कट्टा रखने के लिए नहीं की गई है। खुले में जमीन पर ही धन को धुर्रा माटी में रखा गया है। जिससे दिमग तो लगेगा ही साथ ही चूहा की भी पहुंचने की ज्यादा आशंका जताई जा रही है। ब्लॉक के सबसे बड़े खरीदी केंद्र रानीतराई में खुले में रखे धान। जिस पर प्राधिकृत अध्यक्ष गण भी अभी कुछ बोलने से टालमटोल कर रहा है। क्योंकि अपनी ही सरकार में क्या बोले और क्या नहीं बोले।

वही लगातार धान खरीदी में अनिमितता को लेकर के विपक्षी के द्वारा आवाज उठाई जा रही है फिर भी किसी भी प्रकार की समस्याओं का हाल नहीं हुआ पूरे धान खरीदी में जिस तरह से गाइडलाइन छत्तीसगढ़ शासन ने लागू की उसी के हिसाब से पूरे गाइडलाइन खरीदी दिन तक चलती रही है।कही कही खरीदी केंद्रों में ज्यादा धान तौलने की भी घटना नजर आए लेकिन कार्यवाही के नाम पर सिर्फ खाना पूर्ति ही हुआ ।अब आने वाले समय में देखना यह है कि कितनी जल्दी धान का उठाव मिलर करते हैं या फिर धान मंडी में ही रखे रखे चूहा खा जाएंगे या बड़ा सवाल लोगों के बीच मन में उठ रहा है।

 

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