धर्म नगरी कौही में तीन दिवसीय मेला का आगाज, महाशिवरात्रि को होगा भव्य मेला, रात्रि में छत्तीसगढ़ी सांस्कृतिक कार्यक्रम का अनुपम प्रस्तुति

दुर्ग/पाटन। दुर्ग जिला अंतर्गत खारु नदी के तट पर स्थित धर्मनगरी एवं पर्यटन स्थल आदर्श ग्राम कौही में 14, 15 एवं 16 फरवरी को तीन दिवसीय भव्य महाशिवरात्रि मेले का आयोजन किया जा रहा है। महाशिवरात्रि के अवसर पर यहां विशेष रूप से प्रदेश स्तर का विशाल एवं भव्य मेला आयोजित होता है, जिसकी तैयारियां श्री महाकाली एवं श्री हनुमान मंदिर समिति द्वारा व्यापक स्तर पर की गई हैं। मंदिर मेला परिसर में सर्व सुविधा युक्त विश्राम गृह का निर्माण छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा किया गया है।


मेला परिसर में बाजार ठेकेदार द्वारा व्यापारियों के लिए स्थान सुरक्षित कर रसीद काटी जा रही है। उल्लेखनीय है कि महाकाल की नगरी ग्राम कौही में विगत कई वर्षों से भव्य महाशिवरात्रि मेले का आयोजन किया जाता रहा है। इस मेले में दुर्ग जिले सहित धमतरी, रायपुर, बालोद एवं बेमेतरा जिलों से व्यापारी बंधु आकर व्यापार करते हैं। साथ ही भगवान भोलेनाथ के दर्शन हेतु हजारों की संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं।
महाशिवरात्रि के दिन रात्रि 12 :00 बजे के बाद से ही शिवभक्त खारु नदी में स्नान कर स्वयंभू महादेव के दर्शन कर अपनी मनोकामनाएं पूर्ण करने की कामना करते हैं। मंदिर परिसर में भगवान भोलेनाथ के मंदिर के समीप मंदिर के संस्थापक स्वामी मोहनानंद जी की प्रतिमा स्थापित है। महाकाली माता की मूर्ति जलमार्ग से लाकर स्थापित की गई है।
पूरे मंदिर परिसर में विभिन्न समाजों के मंदिर भी स्थापित हैं। समिति द्वारा सभी मंदिरों में आकर्षक लाइटिंग की व्यवस्था की जाती है तथा श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाता है। श्रद्धालुओं एवं व्यापारियों के लिए पेयजल सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था की गई है।साथ ही रात्रि में छत्तीसगढ़ी सासंस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया है।
महाशिवरात्री मेला में क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों का भी आगमन होता है,और महादेव के दर्शन कर प्रदेश सहित क्षेत्र वासियों के लिए सुख समृद्धि की कामना करते हैं।
मेला परिसर में सुव्यवस्थित व्यवस्था बनाए रखने हेतु जिला प्रशासन का भी विशेष सहयोग प्राप्त होता है, जिससे आगंतुकों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।








