आदिवासी समाज के महापुरुषों के आदर्शों से ही होगा सामाजिक नवजागरण — कीर्ति नायक

अम्लेश्वर, कुरूदडीह।आदिवासी धुव्र गोंड समाज पाहन्दा (अ)राज द्वारा ग्राम कुरूदडीह में आयोजित वार्षिक अधिवेशन समारोह गरिमा और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम में जनपद पंचायत पाटन की अध्यक्ष श्रीमती कीर्ति नायक विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुईं।
अपने प्रेरक उद्बोधन में श्रीमती कीर्ति नायक ने आदिवासी समाज के महापुरुषों को श्रद्धापूर्वक स्मरण करते हुए कहा कि उनका संघर्ष, त्याग और नेतृत्व आज भी समाज के लिए मार्गदर्शक है। उन्होंने कहा कि महापुरुषों के आदर्शों को आत्मसात कर ही समाज में नवाचार, जागरूकता और सशक्तिकरण संभव है।



उन्होंने समाजजनों से शिक्षा, संगठन और आत्मनिर्भरता को प्राथमिकता देने, सामाजिक उत्तरदायित्वों को स्पष्ट रूप से तय करने तथा समय के अनुरूप सकारात्मक बदलाव लाने का आह्वान किया। साथ ही उन्होंने नारी शक्ति की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए महिलाओं से आगे आकर नेतृत्व करने और सामाजिक निर्णयों में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।
कार्यक्रम में समाज के वरिष्ठ पदाधिकारी, युवा वर्ग एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। अधिवेशन का समापन सामाजिक एकता, सांस्कृतिक गौरव और विकास के संकल्प के साथ किया गया।



