मवेशी भटक रहे हैं भोजन के तलाश में, खेत खलियान में पैरा नहीं ,रिलायंस बायोगैस प्लांट खा रहा है पैरा
रिलायंस बायोगैस प्लांट में पैरा उपयोग से मवेशियों के सामने चारे का संकट, किसानों की अनुमति और भुगतान पर उठे सवाल

अम्लेश्वर। पाटन विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत जामगांव एम स्थित रिलायंस बायोगैस प्लांट में किसानों के पैरा का बड़े पैमाने पर उपयोग किए जाने से क्षेत्र में मवेशियों के लिए चारे का संकट गहराने लगा है। खेत-खलिहानों से पैरा हट जाने के कारण अब मवेशियों को भोजन की तलाश में इधर-उधर भटकना पड़ रहा है, जिससे ग्रामीणों और पशुपालकों की चिंता बढ़ गई है।
ज्ञात हो कि विगत माह भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा यह मामला उठाया गया था कि रिलायंस बायोगैस प्लांट के लिए किसानों के खेतों से बिना अनुमति एवं बिना भुगतान के पैरा का गट्टा बनाकर परिवहन किया जा रहा है। इस संबंध में पाटन एसडीएम को आवेदन सौंपकर जांच एवं उचित कार्रवाई की मांग भी की गई थी।


ग्रामीणों का कहना है कि पूर्व में किसानों के खेतों में पर्याप्त मात्रा में पैरा उपलब्ध रहता था, जिसे क्षेत्र के मवेशी सहज रूप से अपना आहार बना लेते थे। इससे चारे की समस्या उत्पन्न नहीं होती थी। किंतु वर्तमान में अधिकांश पैरा बायोगैस प्लांट में भेजे जाने के कारण पशुओं के समक्ष चारे का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
स्थानीय लोगों ने इस मुद्दे पर जिम्मेदार अधिकारियों की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं। किसानों को पैरा का उचित मूल्य मिल रहा है या नहीं, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा अथवा स्वयं किसान ही इसकी स्थिति बता सकेंगे।
फिलहाल, बायोगैस प्लांट में पैरा की खपत बढ़ने से क्षेत्र के मवेशियों के सामने चारे की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है, जिस पर प्रशासन और संबंधित जिम्मेदारों को तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है।






