बायोगैस प्लांट द्वारा किसानों के पैरे पर डाका डालने का विरोध , सेलुद सरपंच खिलेश मारकंडे ने की घुमंतू मवेशियों के चारे के लिए संरक्षण की मांग

सेलुद । ग्राम पंचायत सेलुद के सरपंच खिलेश मारकंडे ने कहा कि पाटन विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत जामगांव एम में स्थित बायोगैस प्लांट द्वारा क्षेत्र से बड़े पैमाने पर पैरा (पुआल) बटोर कर ले जाने के कारण घुमन्तु पशुओं के लिए चारे की समस्या उत्पन्न हो गया है। पाटन क्षेत्र के सभी गांवों से खरीफ व रबी फसल के धान के खेतों से शीघ्र खाली करने का झांसा देकर मशीनों के जरिए पैरे के बड़े-बड़े बंडल बनाकर प्लांट ले जाए जा रहे हैं, जिसके कारण क्षेत्र में मवेशियों के सामने चारे का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
खिलेश मारकंडे ने कहा कि पूर्व में गांवों में पर्याप्त मात्रा में पैरा उपलब्ध रहता था, जिससे मवेशी सहजता से अपना पेट भर लेते थे। लेकिन अब बायोगैस प्लांट की भारी खपत के कारण खेत-खलिहान खाली हो चुके हैं और पालतू व मूक प्राणी भूखे भटकने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कुछ महिलाओं के माध्यम से गांवों में घूम-घूमकर सरकारी योजना का बहाना बनाकर दान के पेपर पर धोखे से हस्ताक्षर करा लिए गए। इस गंभीर मुद्दे पर अधिकारियों को जांच कर सहयोग करने वाले पर शीघ्र कार्यवाही करना चाहिए । खरीफ फसल के पैरे को ले जाने के बाद अब रवि फसल के पैरे को ले जा रहे है लेकिन सक्षम अधिकारियों की चुप्पी पर सवाल खड़ा होता हैं ।साथ ही ऐसे कम्पनी पर कार्यवाही कर पैरा ले जाने पर तुरंत प्रतिबंध लगाया जाय।






