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एनआईटी रायपुर में “ब्रेकिंग एंड सिक्योरिंग एआई: एडवर्सेरियल अटैक्स, डीपफेक्स एंड हेल्थकेयर सिस्टम्स” विषयक कार्यशाला का हुआ समापन

रायपुर। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) रायपुर के कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग (सीएसई) विभाग द्वारा आयोजित पाँच दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला “ब्रेकिंग एंड सिक्योरिंग एआई: एडवर्सेरियल अटैक्स, डीपफेक्स एंड हेल्थकेयर सिस्टम्स” का समापन समारोह 26 जून, 2026 को आयोजित किया गया। समापन समारोह में सनी पॉलिटेक्निक इंस्टीट्यूट, अमेरिका से डॉ. जाहिद अख्तर, नेशनल सन यात-सेन यूनिवर्सिटी, ताइवान से डॉ. अरिजीत कराती, तथा एनआईटी रायपुर के डॉ. एन. के. नागवानी एवं डॉ. प्रीति चंद्राकर विशेष रूप से उपस्थित रहे।

अपने संबोधन में डॉ. जाहिद अख्तर ने ऐसे कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) प्रणालियों के विकास की आवश्यकता पर बल दिया जो केवल सटीक ही नहीं, बल्कि सुरक्षित, विश्वसनीय और उत्तरदायी भी हों। उन्होंने प्रतिभागियों को साइबर सुरक्षा एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में अनुसंधान को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि नवाचार, सहयोग और नैतिक मूल्यों के आधार पर ही भविष्य की उन्नत तकनीकों का निर्माण संभव है।

डॉ. अरिजीत कराती ने अपने संबोधन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता, साइबर सुरक्षा तथा डीपफेक तकनीकों से जुड़ी उभरती चुनौतियों का समाधान करने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग को और अधिक सुदृढ़ बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने अनुसंधान साझेदारी, अकादमिक आदान-प्रदान तथा ज्ञान साझा करने की महत्ता को रेखांकित करते हुए प्रतिभागियों को कार्यशाला में प्राप्त ज्ञान एवं अनुभव के आधार पर सुरक्षित, नवाचारी और प्रभावी एआई समाधानों के विकास हेतु भविष्य में सहयोगात्मक अनुसंधान करने के लिए प्रेरित किया।

अपने संबोधन में डॉ. प्रीति चंद्राकर ने पाँच दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला की सफल आयोजन यात्रा पर प्रकाश डालते हुए बताया कि कार्यशाला में कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डीपफेक पहचान, साइबर सुरक्षा तथा ब्लॉकचेन जैसे समसामयिक विषयों पर व्यापक चर्चा की गई। उन्होंने विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों की उत्साहपूर्ण सहभागिता की सराहना करते हुए कहा कि यह कार्यशाला ज्ञानवर्धन, नवाचार और अनुसंधान को बढ़ावा देने का एक प्रभावी मंच सिद्ध हुई।

कार्यक्रम का समापन प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित करने के साथ हुआ। अंत में डॉ. एन. के. नागवानी ने सभी अतिथियों, विशेषज्ञों, प्रतिभागियों एवं आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।

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