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720 ग्राम के नवजात ने जीती जिंदगी की जंग, 1.4 किलो वजन के साथ स्वस्थ होकर घर लौटा

दुर्ग, 04 अगस्‍त 2026 / कुठरेल ग्राम निवासी पल्लवी और अतुल साहू के यहां छठे माह में जन्मे महज 720 ग्राम वजन के अति-समयपूर्व नवजात ने एसएनसीयू दुर्ग में दो माह से अधिक समय तक चले गहन उपचार के बाद जिंदगी की जंग जीत ली। दुर्ग जिला अस्पताल में ही जन्मे इस नवजात को जन्म के समय गंभीर श्वसन संकट था। उपचार के बाद आज 1.4 किलोग्राम वजन के साथ सफलतापूर्वक डिस्चार्ज किया गया।

एसएनसीयू में पदस्थ शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. वाई. किरण कुमार ने जन्म के शुरुआती समय में ही फेफड़ों में सर्फेक्टेंट देकर वेंटिलेटर सपोर्ट शुरू किया। उपचार एसएनसीयू नोडल अधिकारी एवं एचओडी पीडियाट्रिक्स डॉ. आर.के. मल्होत्रा तथा एसएनसीयू प्रभारी डॉ. वाई. किरण कुमार की निगरानी में चला।

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इलाज के दौरान नवजात को आवश्यकतानुसार उच्च श्रेणी की एंटीबायोटिक्स, कैफीन, सीपीएपी सपोर्ट एवं कई बार पीआरबीसी रक्त चढ़ाया गया। उपचार के दौरान नवजात में आरओपी (रेटिनोपैथी ऑफ प्रीमैच्योरिटी) विकसित होने पर आंखों में आवश्यक एंटी-वीईजीएफ इंजेक्शन भी दिया गया।

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नवजात की सफल रिकवरी में डॉ. आशीष साहू, डॉ. पूजा पांडे, डीएनबी रेजिडेंट डॉ. हेमंत एवं डॉ. सौरभ, एसएनसीयू सिस्टर इंचार्ज कीर्ति निर्मलकर सहित समस्त नर्सिंग स्टाफ एवं वार्ड आया की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

चिकित्सकों के अनुसार, ऐसे अत्यंत कम वजन वाले समयपूर्व नवजातों के उपचार में कंगारू मदर केयर (केएमसी) बेहद महत्वपूर्ण है। मां पल्लवी द्वारा नियमित केएमसी एवं उपचार में निरंतर सहयोग ने भी नवजात के स्वस्थ होने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

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