अनंत चतुर्दशी पर पर्यावरण संरक्षण का संदेश: छोटी मिट्टी की प्रतिमाओं के विसर्जन और बच्चों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने की अपील
अमलेश्वर। आज अनंत चतुर्दशी के अवसर पर हवन-पूजन के साथ गणपति बप्पा की विदाई का सिलसिला शुरू होगा। इसी बीच छत्तीसगढ़ पर्यावरण मित्र समिति ने गणेश उत्सव के पूर्व लोगों से मिट्टी से निर्मित छोटी प्रतिमाओं की स्थापना करने के लिए जनजागरूकता अभियान चलाया था। इसका अंचल में सकारात्मक प्रभाव देखने को मिला है। अनेक स्थानों और गणेश समितियों द्वारा इको-फ्रेंडली मिट्टी से बनी छोटी प्रतिमाओं की स्थापना कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई।
डॉ अश्वनी साहू ने कहा कि समिति का मुख्य उद्देश्य गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के बाद नदी और तालाबों को जल प्रदूषण से बचाना है। समिति ने लोगों से अपील की है कि छोटी मिट्टी की प्रतिमाओं का विसर्जन घर में टब अथवा अन्य सुरक्षित पात्र में करें। साथ ही हवन सामग्री को नदी-तालाब में प्रवाहित करने के बजाय उसका उपयोग वृक्षारोपण अथवा अन्य पर्यावरण हितैषी कार्यों में किया जाए।
बारिश के बीच बच्चों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान जरूरी
वर्तमान में छत्तीसगढ़ अंचल में तेज बारिश का दौर जारी है। ऐसे में गणेश विसर्जन के दौरान नदी, तालाब और अन्य जलस्रोतों के आसपास जाने वाले छोटे बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों को विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। बच्चों को अकेले जलस्रोतों के पास न जाने दें और विसर्जन के दौरान अभिभावक स्वयं उनकी निगरानी करें, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके।
डॉ अश्वनी साहू, छत्तीसगढ़ पर्यावरण समिति अध्यक्ष एवं महासचिव प्रेस क्लब अमलेश्वर



