छत्तीसगढ़ में चक्रवात के संभावित खतरे के बीच अन्नदाताओं की सुरक्षा और विशेष राहत कोष की घोषणा करे सरकार — ढालेश साहू
बंगाल की खाड़ी में संभावित चक्रवाती तूफान के प्रभाव से छत्तीसगढ़ सहित दुर्ग संभाग में आगामी 28-29 अक्टूबर को भारी बारिश एवं तेज आंधी-तूफान की आशंका को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं किसान नेता ढालेश साहू ने चिंता व्यक्त की है। उन्होंने राज्य शासन से मांग की है कि प्राकृतिक आपदा के संभावित संकट से निपटने और अन्नदाताओं को नुकसान से बचाने के लिए तत्काल विशेष राहत कोष की व्यवस्था की जाए।
इस संबंध में श्री साहू ने कहा कि वर्तमान में छत्तीसगढ़ में धान की कटाई का मुख्य सीजन चल रहा है। खेतों में फसल पककर तैयार है और कई स्थानों पर कटाई की स्थिति में है। ऐसे समय में भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फिरने का खतरा है।
प्रमुख मांगें एवं बिंदु: 1. फसल नुकसान का आकलन एवं सर्वे: कृषि एवं राजस्व विभाग को निर्देशित किया जाए कि मौसम सामान्य होते ही प्रभावित क्षेत्रों में फसल नुकसान का तत्काल सर्वे कराया जाए।
2. विशेष राहत पैकेज: जिन किसानों की कटी हुई या खेतों में खड़ी फसल को बारिश एवं तेज हवाओं से नुकसान पहुंचता है, उन्हें नियमानुसार तत्काल राहत राशि प्रदान की जाए।
3. प्रभावित परिवारों की सुरक्षा: ग्रामीण एवं निचले इलाकों में जलभराव जैसी आपात स्थितियों से निपटने के लिए जिला प्रशासन सतर्क रहे तथा आवश्यकता पड़ने पर राहत शिविरों की व्यवस्था सुनिश्चित करे।
किसान नेता ढालेश साहू ने मुख्यमंत्री एवं राज्य शासन से अपील की है कि संभावित प्राकृतिक आपदा को देखते हुए किसानों के हित में समय रहते आवश्यक कदम उठाए जाएं और विशेष राहत पैकेज की रूपरेखा तैयार की जाए, ताकि संकट की घड़ी में अन्नदाताओं को आर्थिक संबल मिल सके।



