कूर्मि आइडल नृत्य प्रतियोगिता के ऑडिशन में 62 कला साधकों का उत्साह, प्रतिभागियों ने दिखाया हुनर

दुर्ग। छत्तीसगढ़ प्रदेश कूर्मि क्षत्रिय समाज के 16वें प्रांतीय महाअधिवेशन एवं 25वें कूर्मि संझा रजत जयंती वर्ष समारोह के अंतर्गत आयोजित होने वाली कूर्मि आइडल नृत्य प्रतियोगिता 2026 को लेकर समाज के कला साधकों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। इसी कड़ी में रविवार, 25 अक्टूबर को ग्राम कुथरेल स्थित चंद्राकर भवन में आयोजित ऑडिशन में समाज के 62 कला साधकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
ऑडिशन में बच्चों से लेकर युवक-युवतियों, महिलाओं और पुरुषों तक ने अपनी नृत्य प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इस दौरान 6 समूहों तथा 22 एकल-युगल प्रस्तुतियों ने प्रतियोगिता के लिए अपनी दावेदारी पेश की। प्रतिभागियों के उत्साह ने आयोजन को लेकर समाज में बढ़ती रुचि को दर्शाया।
कूर्मि आइडल नृत्य प्रतियोगिता का मुख्य आयोजन 19 दिसंबर 2026, शनिवार को शाम 6 बजे से 36 फोर्ट, कोलिहापुरी, जिला दुर्ग में किया जाएगा। यह आयोजन छत्तीसगढ़ प्रदेश कूर्मि क्षत्रिय समाज के 16वें प्रांतीय महाअधिवेशन एवं 25वें कूर्मि संझा रजत जयंती वर्ष समारोह का हिस्सा होगा। प्रतियोगिता के माध्यम से समाज की सांस्कृतिक प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने और नृत्य कला को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया जा रहा है।
प्रतियोगिता में शामिल होने के इच्छुक प्रतिभागियों के लिए अगला ऑडिशन रविवार, 1 नवंबर 2026 को दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक कूर्मि भवन, राधिका नगर, भिलाई में आयोजित किया जाएगा।
आयोजकों के अनुसार, ऑडिशन में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को अपना मूल आधार कार्ड लाना अनिवार्य है। इसके साथ ही जिस गीत पर प्रस्तुति देनी है, उसे पेन ड्राइव, मेमोरी कार्ड अथवा मोबाइल में डाउनलोड करके लाना होगा।
कुथरेल में आयोजित ऑडिशन के दौरान समाज के अनेक कला साधक उपस्थित रहे। आयोजन में पूर्व उपाध्यक्ष, श्रम कल्याण विभाग, छत्तीसगढ़ शासन एवं दिल्लीवार कूर्मि क्षत्रिय समाज के केंद्रीय उपाध्यक्ष केशव बंटी हरमुख, छत्तीसगढ़ प्रदेश कूर्मि क्षत्रिय समाज के युवा अध्यक्ष योगेश्वर देशमुख, संयोजक प्रदीप देशमुख कोठिया, प्रभारी आशीष दिल्लीवार, सहप्रभारी मनीष देशमुख एवं सहित सागर देशमुख, भावेश चंद्राकर, ललित वर्मा, गिरीश हरमुख, कुमलाल देशमुख, शुभम देशमुख और इन्द्रजीत देशमुख ने सहयोग प्रदान किया।
समाज के इस आयोजन का उद्देश्य प्रतिभाशाली नृत्य कलाकारों को अपनी कला प्रदर्शित करने का अवसर देना तथा सामाजिक-सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना है। आगामी ऑडिशन और दिसंबर में होने वाली मुख्य प्रतियोगिता को लेकर प्रतिभागियों में उत्साह बना हुआ है।



