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अमलेश्वर नगर पालिका की सामान्य सभा में हंगामा, कांग्रेस पार्षदों का बहिष्कार और धरना आय व्यय की नही मिल रही है जानकारी

अमलेश्वर। दुर्ग जिला अंतर्गत नगर पालिका अमलेश्वर में आज विभिन्न विषयों को लेकर सामान्य सभा की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता पालिका अध्यक्ष दयानंद सोनकर ने की, जिसमें 7 प्रमुख विषयों पर चर्चा प्रस्तावित थी।

बैठक के दौरान उपाध्यक्ष ओमप्रकाश साहू ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के आय-व्यय लेखा-जोखा, अतिक्रमण एवं अवैध प्लाटिंग पर कार्रवाई तथा प्लेसमेंट कर्मचारियों की लापरवाही पर बर्खास्तगी जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की मांग रखी।

अध्यक्ष द्वारा प्रस्तावित 7 बिंदुओं से हटकर चर्चा नहीं करने की बात कहे जाने पर विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई। इसके विरोध में कांग्रेसी उपाध्यक्ष ओमप्रकाश साहू, नेता प्रतिपक्ष दीपक घींघोड़े, घनश्याम साहू, मीना रानी चेलक, भेज सोनकर, डोमन यादव, लेखनी साहू, हेमलाल साहू, मालती साहू, सेवती निषाद सहित सभी कांग्रेस पार्षदों ने बैठक का बहिष्कार कर दिया और सभा से बाहर निकल गए।

इसके बाद पार्षदों ने नगर पालिका भवन परिसर में लगभग आधे घंटे तक धरना दिया। पश्चात वे सीएमओ को अल्टीमेटम पत्र देने कार्यालय पहुंचे, लेकिन उनका आवेदन स्वीकार नहीं किया गया, जिससे पार्षदों में नाराजगी और बढ़ गई। इसके बाद उपाध्यक्ष ओमप्रकाश साहू के नेतृत्व में पार्षदों ने उप अभियंता डालेंद्र ठाकुर को ज्ञापन सौंपा। पार्षदों ने चेतावनी दी कि जब तक इन प्रमुख मुद्दों पर सहमति नहीं बनती, तब तक बैठक का बहिष्कार जारी रहेगा।

नगर की समस्याओं पर भी उठे सवाल

मिली जानकारी के अनुसार नगर पालिका अमलेश्वर में मूलभूत सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। वार्डों में समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं तथा अवैध कब्जा और अवैध प्लाटिंग के मुद्दे लगातार गंभीर होते जा रहे हैं। इन विषयों पर अब तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं हो सकी है, जिससे पार्षदों में नाराजगी है।

बताया गया है कि इन समस्याओं को लेकर कई बार सीएमओ, तहसीलदार एवं एसडीएम पाटन को आवेदन दिए जा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है।

उपाध्यक्ष का बयान

नगर पालिका उपाध्यक्ष ओमप्रकाश साहू ने कहा कि जब तक अवैध कब्जों को नहीं हटाया जाएगा, तब तक नगर के विकास की रूपरेखा तैयार नहीं हो पाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर में विकास कार्य ठप पड़े हैं और नागरिकों को मूलभूत सुविधाएं भी सही तरीके से नहीं मिल पा रही हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि नगर में उच्च शिक्षा के लिए आवश्यक भूमि पर प्रभावशाली लोगों द्वारा कब्जा किया गया है, जिसे मुक्त कराने में पालिका प्रशासन असफल साबित हो रहा है।

पेयजल संकट की आशंका

गर्मी के मौसम को देखते हुए नगर में पेयजल संकट गहराने की संभावना जताई जा रही है, लेकिन इसके समाधान के लिए कोई ठोस योजना नजर नहीं आ रही है। पिछली बार खुडमुड़ा वार्ड में पेयजल को लेकर गंभीर स्थिति उत्पन्न हो चुकी थी।

इस पूरे मामले में नगर पालिका के सीएमओ एवं पालिका अध्यक्ष ने कोई प्रतिक्रिया देने से परहेज किया।

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