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महर्षि वेदव्यास जयंती एवं गुरु पूर्णिमा पर आयोजित हुआ गरिमामय समारोह

रायपुर। छत्तीसगढ़ संस्कृत विद्यामण्डलम् रायपुर द्वारा महर्षि वेदव्यास जयंती एवं गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर बुधवार को मंडलम् परिसर में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. सुरेश शर्मा (पूर्व अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ संस्कृत विद्यामण्डलम् रायपुर) उपस्थित रहे।

विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. बहुरन सिंह पटेल एवं डॉ. वैभव कान्हे (सहायक प्राध्यापक, शासकीय दूधा श्री वैष्णव संस्कृत स्नातकोत्तर महाविद्यालय रायपुर) शामिल हुए। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ. प्रवीण झाड़ी रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री राजेश सिंह राजपूत (अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ संस्कृत विद्यामण्डलम् रायपुर) ने की, जबकि डॉ. विजय खंडेलवाल (सचिव, छत्तीसगढ़ संस्कृत विद्यामण्डलम् रायपुर) विशेष रूप से उपस्थित रहे।

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कार्यक्रम का शुभारंभ पूजन-अर्चन एवं अतिथियों के स्वागत के साथ हुआ। डॉ. विजय खंडेलवाल ने कार्यक्रम की भूमिका प्रस्तुत करते हुए गुरु पूर्णिमा के महत्व पर प्रकाश डाला।

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मुख्य अतिथि डॉ. सुरेश शर्मा ने अपने उद्बोधन में कहा कि गुरु पूर्णिमा गुरु के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का पर्व है तथा संस्कृत भाषा का प्रचार-प्रसार करना हम सभी का दायित्व है। विशिष्ट अतिथि डॉ. बहुरन सिंह पटेल ने व्याकरणिक दृष्टि से ‘गुरु’ शब्द के महत्व को समझाया। वहीं डॉ. वैभव कान्हे ने राष्ट्र की महान विभूतियों के जीवन में गुरु की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।

मुख्य वक्ता डॉ. प्रवीण झाड़ी ने कहा कि भारतीय संस्कृति गुरु-शिष्य परंपरा से समृद्ध रही है। गुरु व्यक्ति को ईश्वर से साक्षात्कार की दिशा प्रदान करता है। उन्होंने महर्षि वेदव्यास को विश्व मानवता का गुरु बताते हुए उनके योगदान को अमूल्य बताया।

अध्यक्षीय उद्बोधन में श्री राजेश सिंह राजपूत ने कहा कि गुरु के प्रति सच्ची श्रद्धा तभी है जब हम उनके आदर्शों को अपने कर्म और व्यवहार में उतारें।

आभार प्रदर्शन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

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