नहर में पानी छोड़ा, सफाई भूला सिंचाई विभाग; ईंट भट्ठों से नहर नाली के अस्तित्व पर संकट

पाटन। किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नहर-नालियों में पानी तो छोड़ा गया है, लेकिन नहर की साफ-सफाई और देखरेख की ओर जिम्मेदार विभाग का ध्यान नहीं है। वहीं दूसरी ओर क्षेत्र में संचालित लाल ईंट भट्ठों के संचालकों द्वारा नहर नाली को क्षतिग्रस्त किए जाने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। इससे नहर नाली के अस्तित्व पर ही संकट मंडराने लगा है।
मामला झीट से महुदा होते हुए उफरा पहुंच मार्ग के बीच स्थित नहर नाली का है, जहां नहर की स्थिति बदहाल नजर आ रही है। नहर में जगह-जगह गंदगी, झाड़ियां और अन्य अवरोध दिखाई दे रहे हैं, जिससे पानी के सुचारू प्रवाह में परेशानी होने की आशंका बनी हुई है। किसानों का कहना है कि यदि समय रहते नहर की सफाई नहीं की गई तो सिंचाई के लिए छोड़ा गया पानी खेतों तक पर्याप्त मात्रा में पहुंचना मुश्किल हो सकता है।
इधर, नहर नाली के आसपास लाल ईंट भट्ठों के संचालन के कारण भी नहर को नुकसान पहुंचने की बात सामने आ रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार नहर की संरचना को क्षति पहुंचने से भविष्य में किसानों को सिंचाई सुविधा प्रभावित होने का खतरा है। लाल ईंट भट्ठे से भारी वाहन इसी नहर नाली से होकर गुजरती है।
पूरे मामले में सिंचाई विभाग की कथित उदासीनता को लेकर क्षेत्र के किसानों में नाराजगी देखी जा रही है। किसानों ने मांग की है कि संबंधित विभाग मौके का निरीक्षण कर नहर नाली की तत्काल सफाई कराए तथा नहर को क्षति पहुंचाने वाले कारणों की जांच करते हुए आवश्यक कार्रवाई करे, ताकि सिंचाई व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित हो सके।







