कृषि उत्पादन आयुक्त ने उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, दुर्ग की प्रगति एवं कार्यों को सराहा

दुर्ग। कृषि उत्पादन आयुक्त श्री परदेशी सिद्धार्थ कोमल एवं संचालक उद्यानिकी एवं प्रक्षेत्र वानिकी, छत्तीसगढ़ शासन लोकेश कुमार ने महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, दुर्ग का निरीक्षण 17 सितंबर को किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रवि रत्न सक्सेना ने कृषि उत्पादन आयुक्त महोदय के समक्ष विश्वविद्यालय के समस्त महाविद्यालयों की शैक्षणिक, अनुसंधान एवं प्रसार गतिविधियों तथा प्रमुख उपलब्धियों का विस्तृत प्रस्तुतिकरण किया।
निरीक्षण के दौरान विश्वविद्यालय की प्रसार गतिविधियों के अंतर्गत किए जा रहे नवाचारों एवं उल्लेखनीय कार्यों पर आधारित प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। कृषि उत्पादन आयुक्त एवं संचालक ने प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए विभिन्न प्रसार उत्पादों एवं गतिविधियों की जानकारी प्राप्त की। इसके पश्चात् विश्वविद्यालय की विभिन्न प्रयोगशालाओं का निरीक्षण कर शैक्षणिक एवं अनुसंधान संबंधी सुविधाओं का जायजा लिया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय द्वारा तैयार की गई विभिन्न अध्ययन सामग्रियों का अवलोकन तथा विश्वविद्यालय द्वारा प्रसारित जर्नल का विमोचन कृषि उत्पादन आयुक्त महोदय के करकमलों से किया गया। निरीक्षण के दौरान विश्वविद्यालय में सीमित संसाधनों में किये गये उल्लेखनीय कार्यों की सराहना की।
अधिकारियों ने विश्वविद्यालय की निर्मित एवं निर्माणाधीन अधोसंरचनाओं का भी निरीक्षण किया। इस दौरान प्रशासनिक भवनों, छात्रावासों, महाविद्यालयीन सुविधाओं एवं इनडोर स्टेडियम सहित विभिन्न निर्माण कार्यों की प्रगति का अवलोकन किया गया। कृषि उत्पादन आयुक्त ने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता एवं तकनीकी मानकों के पालन को सर्वाेच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने अधीक्षक, भौतिक संयंत्र को भवन निर्माण की गुणवत्ता पर विशेष निगरानी रखते हुए कार्य संपादित कराने के लिए निर्देशित किया।
*शैक्षणिक गुणवत्ता एवं परीक्षा प्रणाली पर विशेष जोर*
कृषि उत्पादन आयुक्त महोदय ने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों एवं परीक्षा प्रणाली की गुणवत्ता को सुदृढ़ बनाने पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने विश्वविद्यालय में संचालित शैक्षणिक कार्यों की गुणवत्ता, विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास तथा प्रभावी परीक्षा प्रणाली को प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर बल दिया।
*छत्तीसगढ़ को पुष्प उत्पादन में अग्रणी बनाने एवं अनुसंधान को गति देने का आह्वान*
कृषि उत्पादन आयुक्त ने छत्तीसगढ़ को पुष्प उत्पादन के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में अनुसंधान गतिविधियों को और अत्यधिक प्रभावी एवं परिणामोन्मुख बनाने का सुझाव दिया। उन्होंने विभिन्न पुष्पवर्गीय फसलों की उन्नत एवं संभावनाशील किस्मों का परीक्षण कर किसानों के खेतों में प्रदर्शन आयोजित करने पर जोर दिया, ताकि राज्य की जलवायु एवं कृषिगत परिस्थितियों के अनुरूप उपयुक्त किस्मों की पहचान की जा सके और किसानों को व्यावहारिक लाभ मिल सके। विश्वविद्यालय के अनुसंधान कार्यों को किसानों की आवश्यकताओं से जोड़ने तथा उद्यानिकी क्षेत्र में नवीन तकनीकों एवं वैज्ञानिक विधियों के प्रसार को बढ़ावा देने की दिशा में कार्य करने का सुझाव दिया।
निरीक्षण के दौरान कृषि उत्पादन आयुक्त एवं संचालक उद्यानिकी एवं प्रक्षेत्र वानिकी ने विश्वविद्यालय की विभिन्न गतिविधियों की जानकारी प्राप्त की तथा शैक्षणिक एवं अधोसंरचनात्मक विकास के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। कुलपति प्रो. रवि रत्न सक्सेना ने विश्वविद्यालय की प्रगति, उपलब्धियों एवं भविष्य की कार्ययोजनाओं से अधिकारियों को अवगत कराया। इस अवसर पर कुलसचिव, समस्त निदेशक, लेखानियंत्रक, अधीक्षक भौतिक संयत्र, अधिष्ठाता, प्राध्यापक, अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।







