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12 नवंबर को ‘स्टेयरिंग छोड़ो आंदोलन’, बसों और ट्रकों के थम सकते हैं पहिए/ नागराज

छत्तीसगढ़। देशभर के वाहन चालक अपनी 14 सूत्रीय मांगों को लेकर आगामी 12 नवंबर को ‘स्टेयरिंग छोड़ो आंदोलन’ करेंगे। आंदोलन के तहत बस, ट्रक सहित विभिन्न व्यावसायिक वाहनों के चालकों द्वारा वाहन नहीं चलाने का आह्वान किया गया है। इससे सार्वजनिक परिवहन और माल ढुलाई व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। ऐसे में यात्रियों और परिवहन सेवाओं पर निर्भर लोगों को अपनी यात्रा की योजना पहले से बनाने की जरूरत पड़ सकती है।

ऑल इंडिया ड्राइवर ज्वाइंट कमेटी, ऑल छत्तीसगढ़ ड्राइवर एसोसिएशन एवं छत्तीसगढ़ ड्राइवर महासंगठन के दुर्ग संभाग प्रभारी नागराज साहू ने बताया कि वाहन चालक लंबे समय से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आवाज उठा रहे हैं। इन्हीं मांगों को लेकर 12 नवंबर को देशव्यापी स्तर पर स्टेयरिंग छोड़ो आंदोलन का आह्वान किया गया है।

राष्ट्रीय ड्राइवर आयोग के गठन सहित 14 मांगें

आंदोलन की प्रमुख मांगों में राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा कानून लागू करना, राष्ट्रीय ड्राइवर आयोग का गठन तथा वाहन चालकों और उनके परिवारों के लिए कल्याणकारी योजनाएं शुरू करना शामिल है। इसके अलावा चालकों को दुर्घटना एवं जीवन बीमा का लाभ देने और दुर्घटना या दिव्यांगता की स्थिति में तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की जा रही है।

वाहन चालकों ने 55 वर्ष की आयु के बाद पेंशन एवं सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने, कानूनी सहायता उपलब्ध कराने, ड्राइवरों के बच्चों की शिक्षा के लिए विशेष छात्रवृत्ति और रोजगार में आरक्षण जैसी मांगें भी रखी हैं।

विभिन्न परिवहन संगठनों से समर्थन की अपील

नागराज साहू के अनुसार, आंदोलन को सफल बनाने के लिए विभिन्न परिवहन संगठनों और वाहन चालक संघों से समर्थन की अपील की जा रही है। इसमें ऑटो संघ, मेटाडोर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन, ट्रक एवं ट्रेलर एसोसिएशन, कमर्शियल वाहन तथा पार्सल वाहन संचालकों और चालकों की भागीदारी का आह्वान किया गया है।

वाहन चालकों का कहना है कि उनकी मांगों का उद्देश्य ड्राइवरों के अधिकारों की रक्षा करना, उनके परिवारों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना और दुर्घटना जैसी परिस्थितियों में आर्थिक सहायता सुनिश्चित करना है। अब देखना होगा कि 12 नवंबर को प्रस्तावित आंदोलन का परिवहन सेवाओं पर कितना असर पड़ता है और सरकार की ओर से इन मांगों पर क्या कदम उठाए जाते हैं।

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