पाटन में CAC की मासिक समीक्षा बैठक संपन्न, शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने और डिजिटल मॉनिटरिंग पर जोर
पाटन। विकासखंड पाटन के प्रशिक्षण कक्ष में संकुल अकादमिक समन्वयकों (CAC) की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में क्षेत्र के विद्यालयों की शैक्षणिक गुणवत्ता, शासन की प्रमुख योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, डिजिटल मॉनिटरिंग, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने सहित विभिन्न विषयों पर व्यापक चर्चा की गई। बैठक में विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्री डालेंद्र देवांगन, सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्री प्रदीप महिलांगे, विकासखंड स्रोत समन्वयक श्री गुनेश्वर प्रसाद वर्मा तथा विकासखंड के सभी 57 संकुल अकादमिक समन्वयक उपस्थित रहे।
पठन कौशल सुधारने पर विशेष जोर
बैठक में कक्षा 3 से 5 तथा कक्षा 6 से 8 तक के विद्यार्थियों में हिंदी और अंग्रेजी विषयों के धाराप्रवाह पठन कौशल को मजबूत करने के निर्देश दिए गए। अटक-अटककर पढ़ने वाले और पढ़ने में असमर्थ विद्यार्थियों को चिह्नित कर उनके लिए शाला स्तर पर विशेष कार्ययोजना तैयार करने तथा उपचारात्मक शिक्षण के माध्यम से उनकी दक्षता बढ़ाने पर जोर दिया गया। इसके लिए शिक्षकों को आवश्यक दिशा-निर्देश देने के साथ ही पढ़ने की घंटी और पीयर टीचिंग जैसी गतिविधियों को प्रभावी ढंग से लागू करने पर चर्चा हुई।
VSK ऐप से दर्ज होगी उपस्थिति, वेतन आहरण पर जोर
विद्या समीक्षा केंद्र (VSK) ऐप के माध्यम से शिक्षकों की उपस्थिति दर्ज करने के निर्देश दिए गए। बैठक में बताया गया कि VSK उपस्थिति के आधार पर ही शिक्षकों के वेतन आहरण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। ऐप में आने वाली तकनीकी समस्याओं का तत्काल निराकरण करने के निर्देश भी दिए गए, ताकि उपस्थिति दर्ज करने की प्रक्रिया प्रभावित न हो।
PRASHAST ऐप से बच्चों की स्क्रीनिंग अनिवार्य
विद्यालयों में PRASHAST ऐप के माध्यम से विद्यार्थियों की दिव्यांगता एवं विशेष शैक्षणिक आवश्यकताओं की स्क्रीनिंग अनिवार्य रूप से पूरी करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही त्रैमासिक परीक्षा परिणामों की समीक्षा कर कमजोर विषयों और कम उपलब्धि वाले क्षेत्रों की पहचान करने तथा उनमें सुधार के लिए तत्काल कार्ययोजना लागू करने पर जोर दिया गया।
जाति प्रमाण पत्र और छात्रवृत्ति पंजीयन समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश
शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप सभी विद्यार्थियों के जाति प्रमाण पत्र निर्धारित समय-सीमा में बनवाने तथा छात्रवृत्ति पंजीयन की बढ़ाई गई तिथि के भीतर शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करने को कहा गया। संबंधित विद्यालयों को इन कार्यों की नियमित समीक्षा कर लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए गए।
स्मार्ट क्लास, ICT लैब और मध्यान्ह भोजन की होगी मॉनिटरिंग
विद्यालयों में ICT लैब और स्मार्ट क्लास का नियमित संचालन सुनिश्चित करने तथा संकुल अकादमिक समन्वयकों को इसकी सतत मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए गए। नए स्मार्ट क्लास की स्थापना से पहले संबंधित कक्षों में रंग-रोगन कराने और फ्लेक्स लगाकर आवश्यक तैयारी पूरी रखने को कहा गया। स्मार्ट क्लास स्थापित होने के बाद फ्लेक्स सहित जियो-टैग फोटो लेकर उसे अपलोड करने के निर्देश भी दिए गए।
मध्यान्ह भोजन योजना के तहत विद्यालयों में भोजन का मेनू अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करने तथा भोजन की गुणवत्ता बनाए रखने पर भी विशेष जोर दिया गया।
नवोदय और NMMSE परीक्षा की तैयारी पर विशेष रणनीति
विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन के लिए तैयार करने के उद्देश्य से जवाहर नवोदय विद्यालय प्रवेश परीक्षा और NMMSE छात्रवृत्ति परीक्षा की तैयारी विद्यालय एवं संकुल स्तर पर व्यवस्थित ढंग से कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया। अधिकारियों ने पाटन विकासखंड को जिले में अग्रणी स्थान दिलाने के उद्देश्य से तैयारी को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया। दोनों परीक्षाओं के लिए विकासखंड स्तर पर रविवार को प्री-मॉडल पेपर आयोजित करने पर भी चर्चा की गई।
RTI, वीरगाथा ऐप और प्रशासनिक व्यवस्था पर निर्देश
सूचना का अधिकार (RTI) के संबंध में निर्देशित किया गया कि विद्यालय के संस्था प्रमुख (H.M.) ही जन सूचना अधिकारी (PIO) होंगे तथा नियमानुसार अभिलेखों में उपलब्ध तथ्यों के आधार पर जानकारी प्रदान करेंगे।
बैठक में वीरगाथा ऐप में आवश्यक प्रविष्टियां सुनिश्चित करने, डिजिटल मॉनिटरिंग को प्रभावी बनाने तथा विद्यालयों में प्रशासनिक अनुशासन बनाए रखने पर भी चर्चा की गई। इसके अतिरिक्त सभी विद्यालयों में प्रार्थना सत्र के दौरान विद्यार्थियों को स्पष्ट रूप से निर्देश सुनाई देने के लिए लाउडस्पीकर (पोंगा) लगाने के निर्देश दिए गए।
बैठक का मुख्य उद्देश्य विद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता बढ़ाने, विद्यार्थियों की बुनियादी दक्षताओं को मजबूत करने, शासकीय योजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने और प्रशासनिक व्यवस्था में कसावट लाना रहा।



