अमलेश्वर क्षेत्र में आवारा कुत्तों का झुंड, लोगो के लिए बन रहा है खतरा

अमलेश्वर पाटन : अमलेश्वर क्षेत्र में आवारा कुत्तों की समस्या गंभीर है और स्थानीय प्रशासन को तत्काल ध्यान देना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट के हालिया निर्देशों के अनुसार, आवारा कुत्तों को नसबंदी और टीकाकरण के बाद उसी क्षेत्र में वापस छोड़ दिया जाना चाहिए, सिवाय उन कुत्तों के जो रेबीज से संक्रमित हैं या आक्रामक व्यवहार प्रदर्शित करते हैं।
नगर पालिका परिषद अमलेश्वर और ग्राम पंचायत पाहंदा से संपर्क करके समस्या के समाधान के लिए मदद मांगें। आवारा कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण के लिए अभियान चलाया जाना चाहिए। लोगों को आवारा कुत्तों के खतरे और उनके प्रबंधन के बारे में जागरूक किया जाना चाहिए। यदि स्थानीय प्रशासन समस्या का समाधान नहीं करता है, तो उच्च अधिकारियों से संपर्क करके शिकायत दर्ज करें।
आपको बता दें भारत में आवारा कुत्तों की संख्या लगभग 1.53 करोड़ है। 2024 में देशभर में कुत्तों के काटने के 37.15 लाख मामले दर्ज किए गए हैं।सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों की समस्या के समाधान के लिए व्यापक दिशानिर्देश जारी किए हैं।
आवारा कुत्तों की समस्या के समाधान के लिए स्थानीय प्रशासन और जनता को मिलकर काम करना होगा।







