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महाविद्यालय में छत्तीसगढ़ रजत जयंती – “25 वर्षों का उत्सव, वर्षों का संकल्प”, पर संगोष्ठी का आयोजन

रानीतराई :  स्व. दाऊ रामचंद्र साहू शासकीय महाविद्यालय रानीतराई में छत्तीसगढ़ रजत जयंती का आयोजन प्राचार्य डॉ अरुण कुमार मिश्रा के मार्गदर्शन में उत्साहपूर्वक किया गया। कार्यक्रम प्रभारी श्रीमती आराधना देवांगन ने कहा कि एक नवंबर 2000 को मध्य प्रदेश से पृथक होकर छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण हुआ। आज छत्तीसगढ़ राज्य के गठन को 25 वर्ष पूरे हो रहे हैं, छत्तीसगढ़ राज्य अपने शिशु अवस्था से आज युवा अवस्था में प्रवेश करने जा रहे हैं। आज छत्तीसगढ़ राज्य में शिक्षा, संचार, स्वास्थ्य, उद्योग, कृषि, आधारभूत संरचना, रोजगार, यातायात साधन, महिला सशक्तिकरण और जनजाति संस्कृति जैसे क्षेत्रों में इसकी प्रगति शामिल है।

प्राचार्य डॉ अरुण कुमार मिश्रा ने अतिथियों का स्वागत किया तथा कहा कि छत्तीसगढ़ रजत जयंती मनाने का मुख्य उद्देश्य छत्तीसगढ़ राज्य की विकास गाथा को दिखाना है। छत्तीसगढ़ राज्य के इन 25 वर्षों की उपलब्धियों एवं महत्व के गुणगान करने का प्रयास है। जब छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना हुई उस समय 3 राज्य बने थे-छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, झारखंड। छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना में राजनीतिक पार्टी का विशेष रूप से योगदान रहा है। छत्तीसगढ़ इन 25 वर्षों में विकास की ऊंचाईयों को छूते जा रहे हैं।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री निर्मल जैन (अध्यक्ष महाविद्यालय जन भागीदारी समिति) ने कहा कि आज छत्तीसगढ़ की 25वीं रजत जयंती मना रहे हैं।इन 25 वर्षों में छत्तीसगढ़ की उपलब्धियां को दिखाया गया है इसी उपलब्धियां और विचारों के साथ हम छत्तीसगढ़ में 25 वर्ष में प्रवेश कर रहे हैं ।छत्तीसगढ़ का जन्म 1 नवम्बर 2000 को हुआ। मध्य प्रदेश राज्य ने छत्तीसगढ़ के क्षेत्र को हमेशा से ही विकास से दूर रखा था। छत्तीसगढ़ प्राचीन काल से ही भौगोलिक, ऐतिहासिक राजनीतिक, सांस्कृतिक दृष्टि से संपन्न रहा है। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना से ही नक्सलवाद, महंगाई, बेरोजगारी आदि चुनौतियों का सामना कर रहा था। लेकिन आज इन 25 वर्षों में छत्तीसगढ़ में तेजी से विकास हो रहा है।

कार्यक्रम के अध्यक्ष श्री भविष्य जैन (विधायक प्रतिनिधि) ने व्यक्तव्य में कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य मध्य प्रदेश से हमेशा उपेक्षित रहा है। छत्तीसगढ़ राज्य अपने अधिकार के लिए लड़ रहे थे। छत्तीसगढ़ राज्य मध्य प्रदेश से पृथक होकर बना । जब छत्तीसगढ़ राज्य बना तब इसमें 3 संभाग और 16 जिले थे। वर्तमान में 5 संभाग, 33 जिला, 14 नगर निगम, 56 नगर पालिका और 122 नगर पंचायत शामिल हैं। छत्तीसगढ़ राज्य का विकास तेजी से बढ़ रहा है। विशेष अतिथि श्री सत्यनारायण टिकरिया ( सरपंच ग्राम पंचायत रानीतराई) ने व्यक्तव्य में कहा- छत्तीसगढ़ राज्य अनेक चुनौतियों का सामना करते हुए तेजी से विकास कर रहा रहा है। कार्यक्रम का प्रभार व्यक्त श्री चंदन गोस्वामी ने किया। श्री चंदन गोस्वामी ने कार्यक्रम मे प्रभार व्यक्त करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य बनने से पहले अनेक कारकों से मध्यप्रदेश से उपेक्षित रहा है। छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद अनेक समस्याओं से ग्रसित रहा है। छत्तीसगढ़ विकास की प्रक्रिया को अपनाया है। विकास हो रहा है या नहीं इसको देखने के लिए अर्थशास्त्री प्राथमिक क्षेत्र की उपलब्धियों को देखते है, यदि कोई क्षेत्र अविकसित या पिछड़ी हुई है तो वह प्राथमिक क्षेत्र पर ज्यादा निर्भर करती रहेगी। छत्तीसगढ़ राज्य बना उसे समय वह कृषि पर निर्भर था। छत्तीसगढ़ राज्य को और विकास की ओर ले जाने के लिए हम अपने प्रतिभा और स्किल को निखारने का प्रयास करेंगे तभी हम छत्तीसगढ़ को और आगे ऊंचाई तक पहुंचा पाएंगे।

इस अवसर पर महाविद्यालय के सहायक प्राध्यापक सुश्री भारती गायकवाड़, श्रीमती शगुफ्ता सिद्दीकी , श्रीमती अंबिका ठाकुर बर्मन,सुश्री रेणुका वर्मा तथा अतिथि व्याख्याता श्री टीकेश्वर कुमार पाटिल, श्री वेणु कुमार साहू, सुश्री शिखा मड़रिया उपस्थित रहे। कार्यालयीन स्टाफ में श्री नरेश मेश्राम, श्रीमती महेश्वरी निषाद, सुश्री सीमा वर्मा सहित महाविद्यालय के सभी छात्र-छात्राओं की भागीदारी उल्लेखनीय रही।

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