गौरा-गौरी विसर्जन का पारंपरिक आयोजन, बड़े ही हर्षोल्लास और धार्मिक श्रद्धा के साथ संपन्न

पाटन : आजाद चौक और महामाया पारा इन्द्र नगर के गौरा गौरी एक साथ पाटन नगर पंचायत के ओगर तालाब में गौरा-गौरी विसर्जन का पारंपरिक आयोजन बड़े ही हर्षोल्लास और धार्मिक श्रद्धा के साथ संपन्न हुआ। आदिवासी समाज के लोगों ने अपने पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार इस लोकपर्व को मनाते हुए नाच-गान और पूजा-अर्चना की। महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा धारण कर समूह में गौरा-गौरी को निकाली और गीतों के माध्यम से अपनी लोकसंस्कृति की झलक प्रस्तुत की। ढोल, मांदर और थाप पर युवक-युवतियाँ थिरकते नजर आए, पारपरिक ढंग से छोटा मारते हुआ निकली महिलाओं ने इस बार छोटा लेकर निकले हुई थी जिससे पूरा वातावरण आनंदमय और भक्तिमय बन गया।
विसर्जन यात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीण और श्रद्धालु शामिल हुए। सभी ने तालाब तट पर पहुंचकर गौरा-गौरी की प्रतिमाओं का विधिवत पूजन किया और सुख-समृद्धि, परिवार की खुशहाली तथा अच्छी फसल की कामना की। इस अवसर पर गांव की बुजुर्ग महिलाएँ पारंपरिक लोकगीतों के साथ नई पीढ़ी को इस त्यौहार का महत्व समझा रही थीं। ओगर तालाब के चारों ओर रंग-बिरंगे वस्त्रों और सजावट से उत्सव का मनमोहक दृश्य देखने को मिला। पारंपरिक संस्कृति और आस्था से सराबोर यह आयोजन पाटन की सामाजिक एकता और लोक परंपरा की जीवंत मिसाल बन गया।






