प्रधानमंत्री से मुलाकात नहीं होने से नाराज़ किसान अब न्यायालय की शरण में ,प्रभावित किसानों की बैठक में कहा— शासनादेश के बावजूद नहीं मिला मुआवजा
दुर्ग : दुर्ग ग्रामीण क्षेत्र के अंतर्गत 400 केवी विद्युत टावर लाइन परियोजना से प्रभावित किसानों ने शासनादेश के अनुसार मुआवजा नहीं मिलने पर गहरी नाराज़गी व्यक्त की है। किसानों ने बताया कि उन्होंने पूर्व में मुख्यमंत्री महोदय को पत्र भेजकर माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी से भेंट का समय मांगा था, ताकि वे अपनी समस्याओं को सीधे उनके समक्ष रख सकें। किसानों के अनुसार, प्रधानमंत्री जी के छत्तीसगढ़ आगमन (1 नवम्बर 2025, राज्योत्सव अवसर पर) के दौरान भेंट की उम्मीद थी, परंतु समय न मिल पाने से अब किसान बेहद निराश और आक्रोशित हैं।

किसान नेता एवं जनपद सदस्य श्री ढालेश साहू ने बताया कि शासन द्वारा 10 मार्च 2025 को जारी आदेश में टावर बेस क्षेत्र की भूमि का 200 प्रतिशत तथा लाइन क्षेत्र का 30 प्रतिशत मुआवजा दिए जाने का स्पष्ट प्रावधान है, लेकिन आज तक किसानों को इसका लाभ नहीं मिला है। किसानों ने कहा कि अब वे न्याय प्राप्ति के लिए न्यायालय की शरण में जाने का निर्णय ले चुके हैं। इस संबंध में शीघ्र ही प्रभावित किसानों की ओर से न्यायालय में याचिका दायर की जाएगी।
इस निर्णय के समर्थन में गठित किसान प्रतिनिधि समिति में श्री बंसीलाल देवांगन, श्री रूपेन्द्र रिगरी, श्री पुकेश साहू, श्री गजेन्द्र साहू, श्री रमेश गजपाल, श्री जसलोक साहू, श्री रनमत साहू एवं श्री गेंदलाल देशमुख शामिल हैं।








