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पाटन में 132 के.वी. लाइन को लेकर किसानों का आक्रोश उभरा,सैकड़ों प्रभावित किसानों ने एसडीएम कार्यालय का घेराव किया

पाटन : 132 के.वी. पाटन–अण्डा विद्युत लाइन निर्माण कार्य में उचित मुआवज़ा एवं शासनादेश के पालन की मांग को लेकर किसानों का आक्रोश आज खुलकर सामने आया। बड़ी संख्या में प्रभावित किसान पाटन एसडीएम कार्यालय पहुंचे और अपनी समस्याओं को लेकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन प्राप्त करने नायब तहसीलदार पाटन भूपेन्द्र सिंह स्वयं उपस्थित रहे।

किसानों के मार्गदर्शन के लिए किसान नेता ढालेश साहू मौके पर उपस्थित थे। उन्होंने किसानों की ओर से स्पष्ट कहा कि जब तक शासनादेश 10 मार्च 2025 और केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड (CVB) वर्ष 2025–26 की भूमि दरों का पूरा पालन नहीं किया जाता, तब तक किसानों पर किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य थोपना अनुचित और अवैध होगा।

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ज्ञापन सौंपने पहुंचे किसानों में ग्राम मंटग के सरपंच अमित हिरवानी, होमलाल, परसराम, देव निर्मलकर, किशन लाल, ग्राम बोदल से गोविंद यादव, हिरासिंग, छन्नू महिलागे, ग्राम मर्रा से जितेन्द्र, मोहित कुमार वर्मा, भीषम, राजेन्द्र कुमार, अरुण कश्यप असोगा , बालाराम साहू पुरई, मुकेश ढीमर, सुनील गोयल, कृष्ण कुमार गोयल सहित सैकड़ों प्रभावित किसान शामिल थे। किसानों ने आरोप लगाया कि मुआवज़ा निर्धारण की प्रक्रिया न तो पारदर्शी है और न ही किसानों को किसी भी प्रस्ताव की लिखित प्रति उपलब्ध कराई गई है।

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किसानों ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी कि मुआवज़ा निर्धारण एवं पुनर्मूल्यांकन की संपूर्ण प्रक्रिया पूर्ण होने तथा किसानों को उनका विधिसम्मत मुआवज़ा मिलने के बाद ही 132 के.वी. लाइन निर्माण कार्य प्रारंभ किया जाए। किसानों ने कहा कि परियोजना के सर्वे, मार्ग-चयन और आपत्ति-निवारण की जानकारी अभी तक किसी भी किसान को उपलब्ध नहीं कराई गई, जबकि नियमों के अनुसार यह जानकारी सार्वजनिक होनी चाहिए।

किसान नेता व ग्राम पंचायत मटंग सरपंच अमित हिरवानी ने कहा कि यह मुद्दा किसानों की आजीविका से सीधे जुड़ा है और किसी भी कीमत पर किसानों के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। यदि प्रशासन ने समय पर आवश्यक कार्रवाई नहीं की, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

किसानों ने आज सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि वे अपनी मांगों को लेकर आगामी सोमवार को जिला कलेक्टर दुर्ग से मुलाकात कर विस्तृत ज्ञापन सौंपेंगे और उच्च-स्तरीय हस्तक्षेप सुनिश्चित करने की मांग करेंगे।

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