अमलेश्वरकुम्हारीखेती किसानी के गोठचरौदाछत्तीसगढ़जामगांव आरदुर्ग भिलाईदेश दुनियाधमतरीपाटनबालोदबिलासपुरभिलाई 3राजनांदगांवरानीतराईरायपुरसेलूद

क्रियात्मक अनुसंधान को बनाया औजार, बच्चों की पढ़ने की शक्ति मे आई धार

पाटन :  संकल्प शक्ति के सम्मुख सब बौना साबित हो जाता है। यह महज एक कथानक नहीं है अपितु सत्य है। व्यक्ति का उच्च आत्मविश्वास और मन का जुनून किसी भी दशा को बदलने की क्षमता रखता है। यदि ऐसा जुनून एक शिक्षक के अंदर आ जाए तो उनके शिष्यों को अर्जुन,डा कलाम, रामानुजन, जैसे महान विभूति बनने से कोई नहीं रोक सकता। अज्ञात रूप मे अपने कार्य को बहुत संजीदगी से करते हुए हमारे आसपास भी एकात शिक्षक मिल ही जाते हैं।

शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय कुम्हली के शिक्षक छन्नूलाल साहू भी उन्हीं मे से एक है। वह क्रियात्मक अनुसंधान को आधार बनाकर अपने शिक्षण कार्य को संकलित होकर करने मे विश्वास रखते हैं। यदा कदा उनके नवाचारी शैक्षिक गतिविधियों का शोर सत्रांत तक परिलक्षित होते रहता है। इस बार उन्होंने अपने शैक्षिक अनुसंधान के आधार पर हिन्दी और अंग्रेजी रीडिंग को तेज धार देने मे सफलता हासिल किया। उनके विद्यालय के कक्षा चौथी एवं पांचवीं के बच्चे हिन्दी को 180 शब्द प्रति मिनट एवं अंग्रेजी भाषा मे 160 शब्द प्रति मिनट की गति से पढ़ने मे सक्षम हो गए। इसका परिणाम यह हुआ कि प्रख्यात सीने तारिका एवं लेखिका श्रीमती सोनाली कुलकर्णी द्वारा प्रायोजित बोलेगा बचपन कार्यक्रम मे भागीदारी लेकर शिक्षक और छात्र से उनसे विडियो कांफ्रेंसिंग से सीधी बातचीत हुई। बोलेगा बचपन कार्यक्रम मे छत्तीसगढ़ से 20 शिक्षकों एवं उनके छात्रों की भागीदारी हुई।

Advertisement
Advertisement 1 Advertisement 2 Advertisement 3 Advertisement 4 Advertisement 5 Advertisement 6 Advertisement 7

सोनाक्षी कुलकर्णी ने बच्चों से सीधे संवाद मे उनको कहानी लेखन के लिए अभिप्रेरित किया एवं उनके सभी प्रश्नों का बचपने की अंदाज मे बहुत हंसी मजाक से बच्चों को प्रोत्साहित की। दुर्ग जिले से तीन शिक्षकों को यह अवसर प्राप्त हुआ। विकास खंड पाटन से शिक्षक छन्नूलाल साहू को बोलेगा बचपन कार्यक्रम मे अपने कार्यकुशलता एवं अनुभव का आदान प्रदान करने का प्रतिनिधत्व मिला। सत्र 2024 मे समग्र शिक्षा के मासिक क्रियात्मक अनुसंधान को प्रोत्साहित करने वाली पत्रिका चर्चा पत्र मे चिट्ठी पत्री लेखन के माध्यम से बच्चों के शैक्षिक विकास के लिए स्थान प्राप्त हुआ था। विगत दो वर्षों से देश के सबसे बड़े पांच दिवसीय दिपावली महोत्सव का एकीकृत एकदिवसीय आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न करा चुके हैं संभवतः यह छत्तीसगढ़ मे विद्यालय स्तर पर पहला स्थान रखता है। इससे बच्चों को भारतीय संस्कृति सभ्यता एवं छतीसगढ़ी आदिवासी संस्कृति का बहुत गहरी समझ विकसित हुई। शिक्षक छन्नूलाल साहू द्वारा विद्यालय मे लगभग सभी महापुरुषों की जयंती, पर्वों को आयोजित कर छात्रों के सर्वांगीण विकास मे तत्पर रहने मे गहरी रुचि लेते हैं। कोरोना काल मे भी सुरक्षित मुहल्ला क्लास का आयोजन ब्लाक स्तर पर सराहनीय रहा है। देवार समुदाय के बच्चों शिक्षा के मुख्य धारा से जोड़े रखने के लिए प्रतिदिन मुहल्ला भ्रमण कर देवार बच्चों को स्कूल तक लाने के लिए काफी अनुकरणीय कार्य शिक्षक द्वारा किए गए हैं।

Advertisement
Advertisement 1 Advertisement 2 Advertisement 2 Advertisement 3 Advertisement 4 Advertisement 5 Advertisement 6 Advertisement 7 Advertisement 8 Advertisement 9 Advertisement 10 Advertisement 11 Advertisement 12

सोनाली कुलकर्णी के द्वारा विनोबा एप टीम के माध्यम से बोलेगा बचपन कार्यक्रम मे भागीदारी के लिए स्मृति भेंट के रूप मे विद्यालय के प्रधान पाठक श्रीमती प्रभा सिंह के हाथों से प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। इसके लिए प्रधान पाठक ने बधाई देते हुए कहा कि किसी उपलब्धि को हासिल करने के लिए बहुत आत्मविश्वास और कुछ कर गुजरने का संकल्प होना आवश्यक है और हमारे शिक्षक मे यह गुण कुट कुट कर भरा है।

विकास खंड शिक्षा अधिकारी श्री डालेन्द्र देवांगन ने शिक्षक को फोन पर कहा कि आपका शिक्षा और छात्र से प्रति समर्पण भाव हजारों छात्रों को प्रेरित करने एवं उनके उज्जवल भविष्य को दिशा देने मे अत्यंत मददगार साबित होगा। सोनाली कुलकर्णी की ओर से उनके टीम के जिला समन्वयक सौरभ साहू एवं संभागीय समन्वयक हेमंत साहू ने स्मृति भेंट लेकर विद्यालय तक आए थे। इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षिका सीमा चंद्राकर, यशोदा नायक,अनेश्वर चंद्राकर, हुषनलाल चंद्राकर उपस्थित रहे।

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!