4 लाख के जेवरात और 2 मोटरसाइकिल बरामद, सीसीटीवी से हुआ खुलासा
दुर्ग/ नंदनी थाना क्षेत्र में ज्वेलरी दुकानों में लगातार हो रही चोरी की वारदातों का खुलासा करते हुए पुलिस ने निगरानी बदमाश सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से लगभग 4 लाख रुपए कीमत के 3 किलो चांदी के जेवर, दो मोटरसाइकिल और वारदात में प्रयुक्त सब्बल बरामद किया गया है।
चोरी की दो बड़ी वारदातें
🔹 10-11 अगस्त 2025 की रात ग्राम मेढेसरा स्थित मां दुर्गा ज्वेलर्स का शटर तोड़कर अज्ञात चोरों ने चांदी के जेवर पार किए। थाना नंदनी में अपराध क्रमांक 196/2025 दर्ज हुआ।
🔹 16-17 अगस्त 2025 की रात ग्राम कोड़िया स्थित भावना ज्वेलर्स में भी इसी तरह चोरी हुई। इसमें अपराध क्रमांक 204/2025 दर्ज किया गया।



एसएसपी ने दिए सख्त निर्देश
दोनों वारदातों को गंभीरता से लेते हुए दुर्ग के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री विजय अग्रवाल (भा.पु.से.) ने एसीसीयू और थाना नंदनी की टीम को तत्काल पतासाजी और गिरफ्तारी के निर्देश दिए।
ऐसे पकड़े गए आरोपी
एसीसीयू और थाना नंदनी की टीम ने घटनास्थलों का मुआयना किया। आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, साइबर टीम की मदद ली और मुखबिरों से सूचना एकत्र की।
सूचना मिली कि थाना छावनी का निगरानी बदमाश बादल सोनी ग्राम बोडेगांव में किराए के मकान में रह रहा है। पुलिस ने घेराबंदी कर उसे पकड़ा। पूछताछ में बादल ने अपने साथियों सूरज कोसरे, नितिन झाड़े और धनेश्वर साहू के साथ मिलकर चोरी करना स्वीकार किया।
रेकी करके देते थे वारदात को अंजाम
जांच में सामने आया कि आरोपी पहले दुकानों की रेकी करते थे। वारदात से पहले सीसीटीवी डिस्कनेक्ट कर शटर को सब्बल से तोड़कर दुकान में घुसते थे। सभी आरोपी पहले भी चोरी के मामलों में जेल जा चुके हैं और निगरानी बदमाश की सूची में शामिल हैं।
बरामद सामान
- 3 किलो चांदी के जेवर (कीमत लगभग 4 लाख रुपए
- 2 मोटरसाइकिल
- चोरी में प्रयुक्त सब्बल
गिरफ्तार आरोपी
- बादल सोनी, 32 वर्ष – निवासी केम्प 1 थाना छावनी
- सूरज कोसरे, 22 वर्ष – निवासी तिलईरवार (टप्पा), जिला राजनांदगांव
- नितिन झाड़े, 22 वर्ष – निवासी तेलीटोला (टप्पा), जिला राजनांदगांव
- धनेश्वर साहू, 28 वर्ष – निवासी तिलईरवार (टप्पा), जिला राजनांदगांव
पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका
इस मामले में एसीसीयू और थाना नंदनी की संयुक्त टीम ने उल्लेखनीय भूमिका निभाई। सीसीटीवी फुटेज, साइबर तकनीक और ई-साक्ष्य की मदद से पुलिस ने बड़ी चोरी की गुत्थी सुलझा ली और निगरानी बदमाश समेत चारों आरोपियों को जेल की सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।



