बरसात में लापरवाही से सड़ रही लाखों की भूसी, समिति और अधिकारी बेखबर,धान खरीदी केंद्र में अव्यवस्था का आलम, रखरखाव के नाम पर महज खानापूर्ति

पाटन दुर्ग : पाटन ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले सेवा सहकारी समिति बठेना के धान खरीदी केंद्रों में इस समय भारी लापरवाही और अव्यवस्था उजागर हो रही है। खरीदी सीजन में जमा की गई लाखों रुपये की भूसी इन दिनों खुले में पड़ी-पड़ी सड़ रही है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी और समिति के प्राधिकृत अध्यक्ष इस पर कोई संज्ञान नहीं ले रहे हैं।
बरसात के मौसम में भूसी की सुरक्षा और रखरखाव की कोई पुख्ता व्यवस्था नहीं की गई है। कहीं तिरपाल का नाम मात्र उपयोग हुआ है तो कुछ स्थानों पर शेड के अंदर सुरक्षित रखा गया है। लेकिन ज्यादातर केंद्रों में भूसी को बिना किसी सुरक्षा के खुले मैदान में छोड़ दिया गया है, जिससे लगातार बारिश में भूसी गीली होकर सड़ने लगी है।



समिति के कर्मचारियों के अनुसार वर्ष 2024-25 की धान खरीदी के दौरान कई केंद्रों में लक्ष्य से अधिक भूसी मंगवाई गई थी। धान का उठाव समय पर नहीं होने और रख-रखाव की समुचित व्यवस्था नहीं होने के चलते यह स्थिति उत्पन्न हुई है। अब जब वर्ष 2025-26 की खरीदी प्रक्रिया राज्य सरकार के माध्यम से फिर से शुरू होने वाली है, तो सवाल यह उठता है कि क्या इन सड़ी हुई भूसी का कोई उपयोग होगा या फिर नए सिरे से लाखों रुपये की भूसी फिर से मंगाई जाएगी।
समिति द्वारा इस पुराने भूसी को सुरक्षित रखने के लिए न तो तिरपाल का समुचित उपयोग किया गया और न ही किसी स्थायी व्यवस्था की योजना बनाई गई। यह सीधे तौर पर शासन को आर्थिक नुकसान पहुंचाने जैसा है। लापरवाही के कारण समिति को भी लाखों की क्षति उठानी पड़ सकती है, जिसका असर आने वाले खरीदी सीजन पर पड़ेगा। यदि शासन शेड निर्माण किया होता तो सुरक्षित होता। चबूतरा में रखे भूसी पानी में बह रही है।
जनता और किसानों को उम्मीद है कि शासन इस मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित जांच कराए और भविष्य में इस तरह की लापरवाही दोहराई न जाए इसके लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करे। साथ ही दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाए ताकि समिति के माध्यम से संचालित सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा हो सके।



