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कृषि शिक्षा केवल रोजगार नहीं, नेतृत्व और नवाचार के लिये तैयार करना मकसद -डॉ. अजय वर्मा

मनोज साहू मर्रा,पाटन / संत विनोबा भावे कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र मर्रा में नई शिक्षा नीति 2020 के तहत शिक्षण सत्र 2025-26 का दीक्षारम्भ समारोह कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
जिसमें प्रथम वर्ष के नव प्रवेशी छात्र- छात्राओं ने भाग लिया।
महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ.अजय वर्मा ने दीक्षारम्भ कार्यक्रम के विषय में नव प्रवेशी छात्रों को सम्बोधित करते हुऐ कहा की कृषि भारत का अर्थव्यस्थाऔर संस्कृति की रीढ़ है! अब यह सिर्फ अन्न उत्पादन तक सीमित नहि है, बल्कि पोषण, स्थिरता और जलवायु-लचिलापन सुनिश्चित करने का दायित्व निभा रही है!
आगे डॉ.वर्मा ने कहा की आईसीएआर का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल रोजगार तक सीमित न रखकर उन्हें नेतृत्व, नवाचार और समाज सेवा के लिए तैयार करना है। दीक्षा आरंभ का मकसद छात्रों को विश्वविद्यालय की संरचना और अवसरों से अवगत कराना है। प्रत्येक छात्र में विशिष्ट प्रतिभा होती है, जिसे सही मार्गदर्शन से निखारा जा सकता है। उन्होंने ने कहा कि विद्यार्थी लक्ष्य प्राप्ति के लिए अनुशासित जीवन अपनाएं। व्यक्तित्व, कौशल विकास और शिक्षण कार्यों में हिस्सा लेने कहा। साथ ही कृषि शिक्षा के महत्व को बताया। कार्यक्रम का संचालन शिक्षण प्रभारी डॉ. सुशीला ने किया।

दीक्षारंभ कार्यक्रम के तहत फॉर्म प्रभारी डॉ.नीतू स्वर्णकार तथा डॉ.किरण कुमार नागराज ने नवप्रवेशित छात्रों को महाविद्यालय अनुदेशक फार्म का भ्रमण कराया गया तथा अन्य गतिविधियों को प्रेरित किया।
इस अवसर पर डॉ.सी. आर. नेताम,डॉ. ओ. पी. परगनीहा, डॉ.विनीता झोड़ापे, डॉ. रैना बाजपेई, श्रीमती मैरी सुचिता खलखो,श्री प्रवीण कुमार साहू सहित कृषि कॉलेज के छात्र-छात्राऐं उपस्थित रहे।

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