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7 वर्षों तक अंधेरे में जीवन यापन कर रहा गरीब परिवार,एकल बत्ती योजना पुनः चालू करें राज्य सरकार/ढालेश साहू

क्या इस नवरात्रि में रेखा बाई निषाद के घर होगी रोशनी से जगमग, मिलेगी बिजली कनेक्शन

दुर्ग 22 सितंबर : दुर्ग जिले के ग्राम रिसामा में रेखा बाई निषाद का परिवार पिछले 6-7 वर्षों से बिना बिजली के जीवन बिताए हुए है। पति मंगल निषाद की बीमारी और उसके इलाज के लिए लिए गए कर्ज से परिवार आर्थिक रूप से कमजोर हो गया। पति के निधन के बाद रेखा बाई ने मुश्किल से घर बनवाया, लेकिन बिजली कनेक्शन अब तक नहीं जुड़ पाया है।

यह परिवार पहले नियमित बिजली उपभोक्ता था, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण कुछ महीनों का बिल न भर पाने पर बिजली विभाग ने उनका कनेक्शन काट दिया। गरीब और असहाय परिवारों के लिए संचालित एकल बत्ती योजना बंद हो जाने के कारण वे अब मूलभूत आवश्यकता बिजली से वंचित हो गए हैं।

इसके अलावा, छत्तीसगढ़ सरकार की हाफ बिजली बिल योजना में हाल ही में बड़े बदलाव किए गए हैं। पहले यह योजना घरेलू उपभोक्ताओं को 400 यूनिट तक बिजली खपत पर 50% छूट देती थी, लेकिन अब इस छूट की सीमा घटाकर केवल 100 यूनिट कर दी गई है। इसका मतलब है कि जो उपभोक्ता 100 यूनिट से अधिक बिजली खर्च करते हैं, उन्हें अब पूरा बिजली बिल चुकाना होगा।

इस बदलाव के कारण लाखों उपभोक्ताओं, विशेषकर गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों पर भारी आर्थिक दबाव बढ़ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि पहले से ही महंगाई और आर्थिक तंगी झेल रहे परिवार अब बढ़े हुए बिजली बिल की मार से और अधिक परेशान हो गए हैं।

जनपद सदस्य एवं किसान नेता ढालेश साहू ने कहा –
“राज्य की संघीय व्यवस्था में जनता का हक है कि वे योजनाओं का लाभ प्राप्त करें। शासन की जिम्मेदारी है कि वह गरीब और असहायों की स्थिति को समझते हुए योजनाओं का संचालन करे। रेखा बाई निषाद जैसे गरीब परिवार के साथ जो अन्याय हुआ है, वह अत्यंत दुखद है। हाफ बिजली बिल योजना में छूट को 400 यूनिट से घटाकर 100 यूनिट कर देना उपभोक्ताओं पर अनावश्यक बोझ डालना है। बिजली अब भी एक मूलभूत आवश्यकता और नागरिक का अधिकार है। अतः एकल बत्ती योजना को तुरंत पुनः चालू किया जाए और 400 यूनिट तक की हाफ बिल योजना को पुनः बहाल किया जाना चाहिए।”

इसलिए हम शासन प्रशासन से आग्रह करते हैं कि वे गरीब व असहाय परिवारों को बिजली सुविधा उपलब्ध कराने, उपभोक्ताओं पर पड़े अतिरिक्त आर्थिक बोझ को कम करने और योजनाओं में सुधार के लिए तत्काल कदम उठाएं, ताकि आम जनता का मूल अधिकार सुरक्षित रहे।

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