400 के.वी. टावर लाइन परियोजना में मुआवजा अनियमितता के विरोध में 09 अक्टूबर को कलेक्टोरेट घेराव

दुर्ग ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के 19 ग्रामों के लगभग 1650 किसान 400 के.वी. ट्रांसमिशन टावर लाइन परियोजना के तहत मिलने वाले मुआवजा वितरण में जिला प्रशासन द्वारा की जा रही अनियमितताओं, मनमानी और पारदर्शिता के अभाव के विरोध में 09 अक्टूबर को जिला कलेक्टर कार्यालय दुर्ग का शांतिपूर्ण घेराव करेंगे। किसानों का कहना है कि प्रशासन नेमुआवजा वितरण अधिनियम 2013 के प्रावधानों का उल्लंघन किया है तथा शासनादेश मार्च 2025 टावर बेस के 200 प्रतिशत और राइट ऑफ वे (Right of Way) के 30 प्रतिशत मुआवजा राशि में मनमाने ढंग से कटौती की गई है। प्रभावित किसानों का आरोप है कि क्षेत्रीय तहसील कार्यालयों द्वारा बिना अधिसूचना जारी किए, बिना ग्रामसभा की सहमति और बिना सर्वे रिपोर्ट उपलब्ध कराए किसानों से जबरन हस्ताक्षर करवाए जा रहे हैं, जो पूर्णतः नियम विरुद्ध है और किसानों के अधिकारों का हनन करता है। किसानों की माँग है कि जिला प्रशासन अधिनियम 2013 के अनुसार मुआवजा प्रक्रिया को पारदर्शी बनाए, पुनः सर्वे कराए और दोषी अधिकारियों पर कार्यवाही करे।
ढालेश साहू का बयान:
जनपद सदस्य व किसान नेता ढालेश साहू ने कहा कि प्रभावित किसानों ने कई बार मुख्यमंत्री कार्यालय से समय माँगा, परंतु अब तक कोई सकारात्मक पहल नहीं की गई। उन्होंने कहा कि प्रशासन की मनमानी और पारदर्शिता की कमी से किसानों में गहरा आक्रोश है।मुआवजा प्रक्रिया में भारी अनियमितता और किसानों पर जबरन हस्ताक्षर करवाना न केवल अधिनियम का उल्लंघन है बल्कि यह उनके संवैधानिक अधिकारों का भी हनन है। यदि प्रशासन ने मनमानी बंद नहीं की, तो आंदोलन को प्रदेश स्तर तक विस्तारित किया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से सीधी मुलाकात कर हम इस अन्याय के खिलाफ न्याय की माँग करेंगे।







