18 जनवरी को चंदखुरी में किसान–मजदूर अधिकार सभा, भूमि अधिग्रहण, मुआवजा, धान समर्थन मूल्य व मनरेगा जैसे मुद्दों पर उठेगी संगठित आवाज
दुर्ग : किसानों, मजदूरों एवं ग्रामीण नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा तथा जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर “किसान–मजदूर अधिकार सभा” का आयोजन 18 जनवरी 2026, रविवार को दोपहर 12 बजे से ग्राम चंदखुरी, केनाल पारा (पुलगांव–अंडा रोड से लगा हुआ) में किया जाएगा। यह सभा “हक की लड़ाई – जमीन, मेहनत और सम्मान के लिए” विषय पर आयोजित की जा रही है। इस सम्बन्ध में किसानों ने जिला प्रशासन दुर्ग को सुचना पत्र सौंपा ।
आयोजकों ने बताया कि सभा में रेलवे परियोजना के नाम पर बिना पूर्व सूचना एवं किसानों की सहमति के किए जा रहे भूमि अधिग्रहण पर रोक लगाने, 400 केवी विद्युत टावर लाइन में मुआवजा निर्धारण की स्पष्ट नीति लागू करने तथा 132 केवी लाइन में बिना मुआवजा दिए हो रहे निर्माण कार्यों को तत्काल रोकने की प्रमुख मांग उठाई जाएगी। इसके साथ ही भारतमाला परियोजना एवं गेल इंडिया लिमिटेड द्वारा पाइपलाइन बिछाने से प्रभावित किसानों को न्यायोचित एवं उचित मुआवजा शीघ्र देने की मांग भी रखी जाएगी।
सभा में धान के समर्थन मूल्य को लेकर भी सरकार से ठोस निर्णय की मांग की जाएगी। किसानों द्वारा ₹3286 प्रति क्विंटल की दर से धान का एकमुश्त भुगतान, पिछले वर्ष की ₹117 प्रति क्विंटल बढ़ोतरी राशि तथा राजीव गांधी न्याय योजना की बकाया चौथी किस्त का तत्काल भुगतान किए जाने की मांग उठाई जाएगी। वहीं विकसित भारत–ग्राम योजना के तहत (मनरेगा) में दो माह कार्य बंद रखने की बाध्यता समाप्त कर, उन महीनों में खेती एवं कृषि से संबंधित कार्यों को शामिल करने की मांग भी प्रमुखता से रखी जाएगी।
इसके अतिरिक्त प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों के नाम हटाए जाने की निष्पक्ष जांच, पीएम आवास प्लस 2.0 को तत्काल लागू करने तथा पेंशन योजना में सर्वे सूची से पात्रता समाप्त करने की प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग शामिल है। साथ ही छत्तीसगढ़ सहकारी संस्थाएं अधिनियम 1960 की धारा 49 के प्रावधानों के तहत राज्य की सभी सहकारी समितियों में तत्काल चुनाव कराए जाने की मांग भी सभा में उठेगी।
इस अधिकार सभा में रेलवे लाइन, विद्युत टावर लाइन, भारतमाला सड़क परियोजना एवं गेल इंडिया पाइपलाइन से प्रभावित किसान, छत्तीसगढ़ प्रगतिशील किसान संगठन, संयुक्त किसान मोर्चा, छत्तीसगढ़ प्रदेश मनरेगा मजदूर कल्याण संगठन, नागरिक अधिकार रक्षा मंच, किसान बंधु संगठन धमधा, छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा, जिला किसान संघ राजनांदगांव सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि विशेष रूप से आमंत्रित रहेंगे।
आयोजकों ने सभी किसान भाइयों, मजदूर साथियों एवं ग्रामीण नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर इस शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक सभा को मजबूती प्रदान करने की अपील की है। सभा में प्रतिभागियों के लिए लंच की व्यवस्था भी रखी गई है। आयोजक ढालेश साहू, बालाराम, प्रशांत कुमार ने कहा कि यह आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा और प्रशासन के साथ समन्वय बनाए रखते हुए किसानों–मजदूरों की समस्याओं को मजबूती से उठाया जाएगा।







