संत कबीर दास का संदेश प्रासंगिक…ज्योति साहेब ,भनसुली(के)में त्रिदिवसीय कबीर सत्संग समारोह आयोजित

रानीतराई। संत मिलन को जाइये तजि माया अभिमान ।ज्यों ज्यों पग आगे घरे कोटिन यज्ञ समान ।।


सदा न कोयल, बोलती, सदा ना खिलते फुल। यह अवसर मिलते जभी, समय होय अनुकल।
शरीर अधूरा है आंख के बिना, जीवन अधूरा है ज्ञान के बिना ।।
संत अभिलाष साहेब एवं कबीर सत्संग समिति एवं ग्रामवासी के तत्वाधान में कबीर सत्संग समारोह आयोजित किया गया है।जिसमें मुख्य वक्ता परम श्रद्धेय साध्वी ज्योति साहेब-सदगुरु कबीर आश्रम सुढालिया जिला-राजगढ (म.प्र),विशेष वक्ता के रूप में साध्वी श्रद्धा साहेब कबीर आश्रम भंसूली एवं भजन मंडली व्यास पीठ में आसीन है।
साध्वी ज्योति साहेब ने
व्यवहार,परमार्थ का ज्ञान आवश्यक बतलाए।उन्होंने
सदगुरू कबीर दास का संदेश में किसी एक सत्य को पकड़ लो तो जीवन धन्य बना सकते है।मानव जीवन सौभाग्य से मिलता है।चिता मरे हुए को जलाती है,चिंता जिंदा की जलाती है।सत्संग जीवन जीने की कला सिखाती है।बेटियां दो कुल का नाम रोशन करती है।
ज्येष्ठ,क्रोध,अहंकार,मद,
विवेकवृत,चेतन,
को गलाकर नम्र,विमल रहे।
सबको पद मिलता है,किसी को कम समय,किसी को ज्यादा समय।भूत सबको बनना है मान सम्मान स्वाभिमान जिंदा रखे।
साध्वी श्रद्धा साहेब ने कहा कि भजन भाव में मन लगाकर करे।सपने जरूर देखे अच्छे सपने जरूर पूरे होंगे।नशापान से दूर रहकर सत्संग करने का मौका हमे मिला है जिसका सदुपयोग करना चाहिए।
जिप दुर्ग के पूर्व उपाध्यक्ष अशोक साहू ने कबीर सत्संग में पधारे संत,साध्वी,अतिथियों एवं कबीर प्रेमी सज्जनों,देवियों का स्वागत अभिनन्दन करते हुए सत्संग का लाभ सभी जनमानस को मिले।
इस अवसर पर देवेंद्र चंद्रवंशी सदस्य जिप दुर्ग,अशोक साहू विधायक प्रतिनिधि,दिनेश साहू जनपद सदस्य,शीतल दास साहू,पंचुराम साहू,भुवन बढ़ाई,मंगल निर्मल,धनंजय साहू, पीलूराम साहू,बसंत साहू,पवन साहू,कार्तिक ठाकुर,महेश साहू,कृष्णा साहू,रामचरण बढ़ाई,बिसौहा बढ़ाई,किशोर साहू,प्रीतम साहू,नंदलाल मंडल, पुरानिक साहू,जगदीश साहू,कामता साहू,रामा साहू,गोपाल साहू,चंद्रकांत साहू,रामचरण साहू,मन्ना पटेल,हरीश सांडील,हरा साहू,दुलारी साहू,जानकी साहू,पवन साहू,फिरता साहू, मिलऊं यादव,शंकर पटेल,श्यामलाल साहू,गरीब दास साहू,हुलास पटेल,ढ़ेलूराम साहू कबीर सत्संग समिति एवं समस्त ग्रामवासी उपस्थित थे।








