एक साल बाद भी अमलेश्वर पालिका में उल्लेखनीय कार्य नहीं, मूलभूत सुविधाओं को तरस रहे नगरवासी, चल रही है प्रशासनिक राज
अमलेश्वर। दुर्ग जिले अंतर्गत नगर पालिका परिषद अमलेश्वर में एक वर्ष बीत जाने के बाद भी नगर में कोई उल्लेखनीय विकास कार्य दिखाई नहीं दे रहा है। नगर में निर्वाचित जनप्रतिनिधि होने के बावजूद भी विकास कार्यों की गति बेहद धीमी है, जिससे नगरवासियों में असंतोष बढ़ता जा रहा है। अवैध कब्जा पर पालिका प्रशासन के द्वारा नहीं की जा रही है कार्यवाही। वर्तमान स्थिति में नगर पालिका में केवल अधिकारियों का ही प्रभाव अधिक दिखाई दे रहा है।


जानकारी के अनुसार जनप्रतिनिधियों द्वारा लगातार शासन-प्रशासन से नगर के विकास के लिए मांग की जा रही है, लेकिन इसके बावजूद भी नगर में एक भी बड़ा या उल्लेखनीय कार्य नहीं हो पाया है। सत्ता पक्ष का अध्यक्ष होने के बावजूद नगर पालिका अमलेश्वर मूलभूत सुविधाओं के मामले में पीछे नजर आ रही है।
नगरवासी भी अब जनप्रतिनिधियों के कार्यों पर सवाल उठाने लगे हैं कि आखिर एक वर्ष के कार्यकाल में नगर के लिए कोई ठोस विकास कार्य क्यों नहीं हो पाया। वहीं नगर पालिका के सीएमओ और जनप्रतिनिधियों के बीच आपसी सामंजस्य की कमी भी विकास कार्यों में बाधा बनने की बात सामने आ रही है।
पार्षद लगातार पालिका अध्यक्ष से मिलकर विकास कार्य कराने की इच्छा जता रहे हैं, लेकिन आखिर त्रुटि कहां हो रही है यह समझ से परे है। नगर में मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव देखने को मिल रहा है। नगरवासी अपनी समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार पालिका के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। नालियों की साफ-सफाई समय पर नहीं हो पा रही है और कई चौक-चौराहों पर कचरा बिखरा हुआ नजर आता है।
बताया जा रहा है कि पिछले लगभग छह महीनों से नगर पालिका अमलेश्वर में सामान्य परिषद की बैठक तक आयोजित नहीं हो पाई है। इस संबंध में होली पर्व से पहले सत्ता पक्ष और विपक्ष के पार्षदों ने सीएमओ से सौजन्य भेंट कर विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की और जल्द से जल्द बैठक आयोजित करने का आग्रह किया है, ताकि नगर के विकास और जनसमस्याओं पर आवश्यक निर्णय लिए जा सकें।








