बाल विवाह से होती हैं शारीरिक, पारिवारिक व सामाजिक समस्या, चैत्र नवरात्रि पर कौही में बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ का शपथ
रानीतराई। चैत्र नवरात्रि पर जहां सभी तरफ भक्ति और श्रद्धा का माहौल है।वहीं कौही में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा बाल विवाह के दुष्प्रभाव के प्रति जन-जागरूकता अभियान के तहत कानूनी रूप से लड़की की उम्र 18 वर्ष व लड़के की उम्र 21 वर्ष में विवाह की जानकारी साझा करते हुए बाल विवाह से पड़ने वाले शारीरिक, पारिवारिक व सामाजिक दुष्प्रभाव की जानकारी दी गई। तथा इस अवसर पर बाल विवाह रोकने शपथ दिलाई गई।


साथ ही आंगनबाड़ी के बच्चों ने कार्यकर्ताओं के मार्गदर्शन में अपने भावी विद्यालय शासकीय प्राथमिक शाला कौही का शैक्षिक भ्रमण किया और विद्यालय के खूबियों से वाकिफ हुए।इस अवसर पर बच्चों ने विद्यालय के स्मार्ट क्लास में स्मार्ट टीवी से शिक्षा अवसर को जाना तथा बहुद्देशीय सभागार में अपने पसंदीदा गीत गाकर ईनाम में पेन प्राप्त किए।
इस अवसर पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता आशा तिवारी, शारदा ठाकुर, भुनेश्वरी देवांगन, संगीता सोनकर, परमेश्वरी साहू, प्रधानपाठक राजेन्द्र मारकण्डे, शिक्षक टोकेन्द्र बिजौरा, त्रिलोचन साहू, शिक्षा स्वयं सेवी श्रीमती लेखा ठाकुर, रसोईया गंगोत्री साहू, ईशा साहू, रोहणी यादव सहित बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी व स्कूली बच्चे उपस्थित रहे।








