अमलेश्वर में अवैध होर्डिंग्स का जाल, कार्रवाई के अभाव में बढ़ रहा दुर्घटना का खतरा

अमलेश्वर। नगर पालिका परिषद अमलेश्वर क्षेत्र में लगातार अवैध होर्डिंग लगाए जाने के मामले सामने आ रहे हैं। आरोप है कि इस संबंध में कार्रवाई करने से पालिका प्रशासन बचता नजर आ रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार होर्डिंग्स के टेंडर की प्रक्रिया पिछले लगभग एक वर्ष से लंबित है, जिसके चलते नगर पालिका को राजस्व हानि उठानी पड़ रही है और अवैध होर्डिंग लगाने वालों के हौसले बुलंद हैं।
बताया जा रहा है कि कॉलोनाइजर, बिल्डिंग ठेकेदार एवं विभिन्न व्यापारी अपनी-अपनी प्रचार सामग्री और होर्डिंग्स बिना अनुमति सार्वजनिक स्थानों एवं सड़कों के किनारे लगा रहे हैं। जहां जगह मिल रही है, वहां होर्डिंग्स स्थापित या चिपकाई जा रही हैं। इस स्थिति को लेकर नगर पालिका के राजस्व विभाग एवं संबंधित अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं।


स्थानीय नागरिकों का कहना है कि नगर पालिका क्षेत्र में बिना अनुमति कोई भी व्यक्ति या संस्था होर्डिंग कैसे लगा सकती है। इसके बावजूद प्रशासन की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है। चिंता की बात यह भी है कि कई होर्डिंग्स तेज हवा और तूफान के दौरान उखड़ चुकी हैं, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों की सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा है।
ऐसा ही एक मामला मगरघटा क्षेत्र में सामने आया है। मल्टी स्पोर्ट सिटी के पास स्थित एक बड़ा होर्डिंग पिछले सप्ताह आए तेज हवा-तूफान में उखड़कर सड़क किनारे आ गिरा और सफेद लाइन तक पहुंच गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इसे नहीं हटाया गया तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। बावजूद इसके, एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी संबंधित विभाग द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
इस मामले में नगर पालिका के राजस्व विभाग के सभापति राजू सोनकर ने बताया कि वर्तमान में होर्डिंग्स से किसी प्रकार का राजस्व प्राप्त नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि होर्डिंग्स के लिए टेंडर प्रक्रिया जारी है, लेकिन अब तक अंतिम स्वीकृति नहीं मिल पाई है। इसके कारण नगर पालिका को राजस्व का नुकसान हो रहा है और लोग मनमाने ढंग से अवैध होर्डिंग्स लगा रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि सड़क किनारे गिरे हुए होर्डिंग्स दुर्घटना का कारण बन सकते हैं। इसके बावजूद हफ्ते भर से पड़े होर्डिंग पर कार्रवाई नहीं होना चिंता का विषय है। इस पूरे मामले को लेकर नगरवासियों में नाराजगी देखी जा रही है तथा प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई की मांग की जा रही है।






