प्रधान मंत्री मोदी की ‘मन की बात’ राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा का सशक्त माध्यम – कल्पना नारद साहू
रानीतराई, 28 जून। पाटन विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत आज भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने प्रत्येक गांव के बूथ स्तर पर देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के प्रेरणादायी रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 135वें संस्करण को सामूहिक रूप से सुना।
इस अवसर पर जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक-12 की सभापति एवं जिला पंचायत सदस्य श्रीमती कल्पना नारद साहू ने कहा कि “मन की बात केवल एक रेडियो कार्यक्रम नहीं, बल्कि जन-जन की बात है। माननीय प्रधानमंत्री जी इस माध्यम से देश में हो रहे नवाचार, जनभागीदारी और सकारात्मक कार्यों को जनता के सामने रखते हैं, जिससे प्रत्येक नागरिक को राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाने की प्रेरणा मिलती है।”



श्रीमती साहू ने कहा कि इस बार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने आगामी गणेशोत्सव के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए मिट्टी से निर्मित भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करने का आह्वान किया। उन्होंने प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना एवं प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के माध्यम से सामाजिक सुरक्षा के महत्व पर भी प्रकाश डाला तथा वर्षा जल की प्रत्येक बूंद के संरक्षण का संदेश देते हुए जल संचय को जनआंदोलन बनाने की अपील की।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ने मेघालय के जीवित रूट ब्रिज का उल्लेख करते हुए प्रकृति और मानव के अद्भुत समन्वय का उदाहरण प्रस्तुत किया। साथ ही विज्ञान, तर्क और जागरूकता के माध्यम से समाज में व्याप्त अंधविश्वासों को दूर करने की आवश्यकता पर बल दिया। असम की महिलाओं द्वारा ‘हरगिला आर्मी’ के माध्यम से दुर्लभ पक्षी हरगिला के संरक्षण और उससे जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने का प्रयास जनजागरूकता का प्रेरक उदाहरण है।
श्रीमती कल्पना नारद साहू ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने नागालैंड में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए संचालित ‘नागालैंड बेबी लीग’ और ‘नागालैंड वुमन फुटसाल लीग’ जैसी पहलों का भी उल्लेख किया। साथ ही, नालंदा विश्वविद्यालय एवं सेंट्रल संस्कृत यूनिवर्सिटी द्वारा भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक तकनीक के साथ आगे बढ़ाने के प्रयासों की सराहना की।
प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि डोमिनिकन रिपब्लिक में ‘ब्रह्मकमल डोमिनिकाना’ के सदस्य वैदिक साहित्य का अध्ययन कर भारतीय संस्कृति से जुड़ रहे हैं। वहीं, मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा की महिलाओं द्वारा प्लास्टिक अपशिष्ट से सार्वजनिक स्थलों को आकर्षक बनाने की पहल स्वच्छता और नवाचार का उत्कृष्ट उदाहरण है।



