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उत्तर पाटन में फिर उठी महाविद्यालय की मांग, जामगांव एम या झीट में कॉलेज खोलने की मांग तेज

पाटन। पाटन विधानसभा क्षेत्र के उत्तर पाटन अंचल में एक बार फिर महाविद्यालय की मांग जोर पकड़ने लगी है। ग्राम पंचायत जामगांव एम और झीट सहित आसपास के ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों ने क्षेत्र में कॉलेज की स्थापना की आवश्यकता बताते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से इस दिशा में पहल करने की मांग की है।

जानकारी के अनुसार पूर्व जनपद अध्यक्ष श्रीमती हर्षा लोकमनी चंद्राकर ने अपने कार्यकाल के दौरान जनपद पंचायत से प्रस्ताव पारित कर तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह से महाविद्यालय की मांग की थी, लेकिन यह मांग अब तक पूरी नहीं हो सकी। अब 20 जुलाई को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के स्वामी आत्मानंद शासकीय विद्यालय, जामगांव एम में आयोजित राज्य स्तरीय शाला प्रवेश उत्सव में शामिल होने के प्रस्तावित दौरे के बीच क्षेत्रवासियों को एक बार फिर इस मांग के पूरा होने की उम्मीद जगी है।

मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। इसी बीच क्षेत्र के जनप्रतिनिधि भी अपनी-अपनी मांगों को लेकर सक्रिय हो गए हैं। ग्राम पंचायत जामगांव एम की सरपंच श्रीमती तुलसी रोहित सिन्हा ने महतारी सदन, सर्वसुविधायुक्त मांगलिक भवन तथा महाविद्यालय की स्थापना की मांग का समर्थन किया है। बताया जा रहा है कि प्रारंभिक स्तर पर विश्वविद्यालय के अधिकारियों द्वारा निरीक्षण की चर्चा है, हालांकि जामगांव एम में भूमि की उपलब्धता को लेकर कुछ कठिनाइयों की बात भी सामने आ रही है।

भाजपा मंडल अध्यक्ष कमलेश चंद्राकर ने कहा कि उत्तर पाटन क्षेत्र में लंबे समय से महाविद्यालय की मांग की जा रही है और उन्हें विश्वास है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में इस मांग पर सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा।

वहीं ग्राम पंचायत झीट के युवा सरपंच रूपेंद्र (राजू) साहू ने भी झीट में महाविद्यालय स्थापित करने की मांग करते हुए कहा कि इससे क्षेत्र के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए पाटन, भिलाई-3, रायपुर या उतई नहीं जाना पड़ेगा।

यदि जामगांव एम अथवा झीट में महाविद्यालय की स्थापना होती है तो सावनी, रूही, खुड़मुड़ी, झीट, महुदा, उफरा, जमराव, सांकरा, मोतीपुर, पाहंदा, खमरिया, बटंग, अमलीडीह, नारधी, आंधी, औंरी, करसा, घुघुवा, अमेरी, गभरा, करगा, तर्रा, लोहरसी, राखी, अचानकपुर सहित आसपास के दर्जनों गांवों के छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा का लाभ स्थानीय स्तर पर मिल सकेगा।

वर्जन – श्रीमती नीलम राजेश चंद्राकर, जिला पंचायत सभापति, दुर्ग:

“जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक-10 में महाविद्यालय की स्थापना होनी चाहिए। इसकी मांग पूर्व में भी की जा चुकी है। जामगांव एम या झीट में महाविद्यालय बनाया जा सकता है, जिससे मध्य एवं उत्तर पाटन के अधिकांश गांवों के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा का लाभ मिलेगा।”

वर्जन – सुरेंद्र साहू, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष, पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर:

“उत्तर पाटन क्षेत्र में महाविद्यालय की मांग पूरी होनी चाहिए। वर्तमान में विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए पाटन, रायपुर या भिलाई-3 जाना पड़ता है। जामगांव एम या झीट में महाविद्यालय बनने से क्षेत्र के युवाओं को सीधे तौर पर लाभ मिलेगा और उन्हें अपने क्षेत्र में ही उच्च शिक्षा उपलब्ध हो सकेगी।”

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