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दो संगठन नहीं, अब एक महासंघ—सरपंचों की एकता के लिए 8 सितंबर को रायपुर में महत्वपूर्ण बैठक

रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश के सरपंचों की एकता, अधिकार, सम्मान एवं स्वाभिमान को मजबूत करने के उद्देश्य से “प्रदेश सरपंच महासंघ छत्तीसगढ़” के गठन एवं एकीकरण को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया जा रहा है। प्रदेशभर के सरपंच साथियों से आपसी मतभेद एवं गुटबाजी से ऊपर उठकर एक मजबूत, सर्वमान्य एवं प्रभावी प्रदेश स्तरीय महासंघ के गठन के लिए एकजुट होने की अपील की गई है।

बैठक का उद्देश्य वर्तमान में प्रदेश में संचालित “छत्तीसगढ़ प्रदेश सरपंच संघ” एवं “सरपंच संघ छत्तीसगढ़” से जुड़े सभी सरपंच साथियों को एक मंच पर लाकर “प्रदेश सरपंच महासंघ छत्तीसगढ़” के रूप में संगठित करना है। आयोजकों का कहना है कि सरपंचों के अधिकारों, सम्मान और हितों की प्रभावी आवाज उठाने के लिए प्रदेश स्तर पर एकजुट संगठन की आवश्यकता है।

बैठक 8 सितंबर 2026, मंगलवार को दोपहर 11:30 बजे से रायपुर के ताराचंद साहू सभागार, भामाशाह छात्रावास, साहू कॉम्प्लेक्स, टिकरापारा में आयोजित होगी। प्रदेश के सभी सरपंचों से समय का विशेष ध्यान रखते हुए अधिक से अधिक संख्या में बैठक में शामिल होने का आग्रह किया गया है।

बैठक को लेकर सरपंच महासंघ की ओर से स्पष्ट संदेश दिया गया है—“दो संगठन नहीं, एक महासंघ; गुटबाजी नहीं, एकता चाहिए; व्यक्तिगत हित नहीं, सरपंचों का हित सर्वोपरि।”

आयोजकों ने कहा कि “एक प्रदेश, एक मंच, एक आवाज” के संकल्प के साथ होने वाली यह पहल सरपंचों की एकजुटता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। उन्होंने प्रदेशभर के सरपंच साथियों से अपील की कि अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर “प्रदेश सरपंच महासंघ छत्तीसगढ़” के गठन एवं एकीकरण की इस पहल को सफल बनाएं।

संकल्प: एकता • अधिकार • सम्मान • स्वाभिमान

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