पटाखे जलाएं, लेकिन संभलकर… पर्यावरण संरक्षण का भी रखें ध्यान
अमलेश्वर। दीपावली का पर्व खुशियों, उमंग और उत्साह का प्रतीक है। इस पावन अवसर पर छत्तीसगढ़ पर्यावरण मित्र समिति ने आम नागरिकों से पटाखे फोड़ते समय पर्यावरण संरक्षण और जनस्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने की अपील की है। समिति ने लोगों से तेज आवाज वाले पटाखों से दूरी बनाने तथा अन्य पटाखों का भी सीमित मात्रा में उपयोग करने का आग्रह किया है।
समिति ने कहा कि तेज आवाज वाले पटाखों से वायु प्रदूषण के साथ-साथ ध्वनि प्रदूषण में भी भारी वृद्धि होती है। इनकी तीव्र आवाज मनुष्य की सुनने की क्षमता को प्रभावित कर सकती है तथा लंबे समय तक इसके संपर्क में रहने से बहरापन होने का खतरा भी बढ़ जाता है। इसलिए तेज आवाज वाले पटाखों का उपयोग नहीं करना चाहिए। दीपावली का आनंद मनाते हुए जहां तक संभव हो, पर्यावरण के लिए अपेक्षाकृत कम हानिकारक ग्रीन पटाखों को प्राथमिकता देनी चाहिए।


समिति के अनुसार पटाखों से निकलने वाली कार्बन डाइऑक्साइड, कार्बन मोनोऑक्साइड, नाइट्रोजन ऑक्साइड एवं सल्फर जैसे हानिकारक तत्व वायुमंडल को प्रदूषित करते हैं। इनका प्रतिकूल प्रभाव मानव स्वास्थ्य पर भी पड़ता है। प्रदूषण के कारण सर्दी-खांसी, सांस संबंधी परेशानी, दमा और हृदय रोग जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। वहीं ब्लड प्रेशर, हृदय रोग एवं मधुमेह से पीड़ित लोगों के लिए भी पटाखों का धुआं और तेज आवाज नुकसानदायक साबित हो सकती है।
समिति ने कहा कि प्रत्येक वर्ष पटाखे फोड़ने की समय-सीमा को लेकर न्यायालय एवं प्रशासन के निर्देशों पर चर्चा होती है, लेकिन पर्यावरण संरक्षण केवल कानूनी आदेशों तक सीमित नहीं होना चाहिए। प्रत्येक नागरिक को अपने स्वविवेक से जिम्मेदारी निभाते हुए पटाखों का उपयोग न्यूनतम और सीमित मात्रा में करना चाहिए। हमें यह समझना होगा कि स्वच्छ पर्यावरण ही स्वस्थ और सुरक्षित जीवन का आधार है। भावी पीढ़ियों को स्वच्छ हवा और बेहतर वातावरण देना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
समिति ने स्पष्ट किया कि यह अपील केवल जनजागरूकता और पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से जारी की जा रही है। इसका किसी भी धर्म, परंपरा अथवा धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाने से कोई संबंध नहीं है।
निःशुल्क पौधों का होगा वितरण
पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ पर्यावरण मित्र समिति के अध्यक्ष डॉ. अश्वनी साहू द्वारा अमलेश्वर डीह में नागरिकों को बादाम, पीपल, बरगद एवं अशोक के पौधे निःशुल्क वितरित किए जाएंगे। पौधों की संख्या सीमित होने के कारण पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर वितरण किया जाएगा।
छत्तीसगढ़ पर्यावरण मित्र समिति के अध्यक्ष डॉ. अश्वनी साहू, वरिष्ठ सलाहकार ललित बिजौरा, परस साहू, गीता लाल साहू, कौशल वर्मा, संजू साहू, प्रभु यादव, शैलेश साहू, गोपी साहू एवं कुलदीप धीवर ने समस्त नागरिकों से पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए दीपों का पर्व दीपावली स्वच्छ, सुरक्षित और हरित वातावरण में मनाने की अपील की है।



