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पंचायतों में मनरेगा कार्य की स्वीकृति से मजदूरों में हर्ष, जनकल्याण समिति की पहल लाई रंग/युगल किशोर आडिल

पाटन। पाटन ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायतों में राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के कार्य प्रारंभ नहीं होने के कारण मजदूर पूर्ण रूप से बेरोजगार हो चुके थे। मजदूरों के लिए रोजगार की मांग को लेकर विगत दिनों जनकल्याण समिति पाटन द्वारा जनपद पंचायत पाटन के समक्ष धरना-प्रदर्शन किया गया था तथा मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया था।

उक्त पहल का सकारात्मक परिणाम सामने आया है। अब लगभग सभी ग्राम पंचायतों में मनरेगा कार्यों की स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। कार्य स्वीकृत होने से मजदूरों में खुशी की लहर है। लंबे समय से रोजगार न मिलने के कारण निराश बैठे मजदूरों को जनकल्याण समिति से उम्मीद थी, जो अब पूरी होती नजर आ रही है।

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आंदोलन में कुर्मीगुंडरा, बेलोदी, निपानी, गातापार, गाडाडीह, मुड़पार, महकाकला, कालाकोट, देमार, तरीघाट, दरबार, मोखली, सेमरी, पंदर, बोरीद, खोला, रेंगाकठेरा, चुलगहन, खम्हरिया, चंगोरी, भरर, सोरम, गुजरा, मटिया ,रूही सहित अन्य ग्राम पंचायतों के ग्रामीण एवं मजदूर बड़ी संख्या में शामिल हुए थे। सभी पंचायतों में कार्य आदेश जारी कर दिए गए हैं और शीघ्र ही कार्य प्रारंभ होने की संभावना है।

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जनकल्याण समिति के प्रमुख युगल आडिल ने बताया कि मजदूरों की समस्या को देखते हुए यह आंदोलन किया गया था, जिसमें हजारों की संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया। लगातार काम न मिलने के कारण मजदूरों की आर्थिक स्थिति अत्यंत खराब हो गई थी और पलायन की स्थिति उत्पन्न हो रही थी। अब लंबित मनरेगा मजदूरी का भुगतान भी जारी कर दिया गया है, जिससे मजदूरों को आर्थिक राहत मिलेगी।

आडिल ने आगे बताया कि पाटन ब्लॉक में नोडल अधिकारियों द्वारा बिना उचित जांच के कई पात्र हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास योजना से अपात्र घोषित कर दिया गया है। इस संबंध में पुनः जांच की मांग को लेकर शासन-प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया है। अधिकारियों की लापरवाही के कारण हितग्राहियों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं और उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा है।

उन्होंने मांग की कि इस विषय पर पुनः बैठक कर उचित कार्रवाई की जाए, ताकि पात्र और जरूरतमंद हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ मिल सके।

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