अमलेश्वरकुम्हारीखेती किसानी के गोठचरौदाछत्तीसगढ़जामगांव आरदुर्ग भिलाईदेश दुनियाधमतरीपाटनबालोदबिलासपुरभिलाई 3राजनांदगांवरानीतराईरायपुरसेलूद

विश्व पर्यावरण दिवस पर महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय में “खेत बचाओ अभियान” कार्यशाला का आयोजन, कृषि मंत्री होंगे शामिल प्रोटो कॉल हुआ जारी

दुर्ग, 04 जून 2026। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, दुर्ग द्वारा 05 जून 2026 को उद्यानिकी महाविद्यालय एवं अनुसंधान केन्द्र, संकरा-पाटन में “खेत बचाओ अभियान” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला एवं वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम में माननीय कृषि मंत्री, छत्तीसगढ़ शासन, माननीय सांसद दुर्ग लोकसभा क्षेत्र, जिला पंचायत सभापति श्रीमती नीलम राजेश चंद्राकर, ग्राम पंचायत सरपंच रवि सिंगौर,कृषि उत्पादन आयुक्त, कृषि एवं उद्यान विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, वैज्ञानिक, किसान, विद्यार्थी एवं जनप्रतिनिधि सम्मिलित होंगे।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा वृक्षारोपण एवं विभिन्न कृषि-उद्यानिकी प्रदर्शनों के अवलोकन से होगा। इसके पश्चात दीप प्रज्ज्वलन, वंदे मातरम् गायन एवं अतिथियों के स्वागत के साथ मुख्य समारोह प्रारंभ होगा। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय की भावी योजनाओं एवं उपलब्धियों पर प्रकाश डाला जाएगा।

Advertisement
Advertisement 1 Advertisement 2 Advertisement 3 Advertisement 4 Advertisement 5 Advertisement 6 Advertisement 7

इस अवसर पर विश्वविद्यालय कुलगीत, एआई आधारित वेबपोर्टल, विगत दो वर्षों की उद्यानिकी एवं वानिकी अनुसंधान एवं विस्तार गतिविधियों का विमोचन, विश्वविद्यालय विजन-2047 तथा विश्वविद्यालयीन न्यूजलेटर एवं अन्य गतिविधियों का विमोचन भी किया जाएगा। साथ ही किसानों को कृषि उपयोगी आदान सामग्री का वितरण किया जाएगा।
कार्यक्रम के द्वितीय सत्र में “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत मृदा परीक्षण, जैविक खाद संवर्धन, प्राकृतिक खेती में जीवामृत, बीजामृत, निमास्त्र, ब्रह्मास्त्र एवं घनजीवामृत के उपयोग का जीवंत प्रदर्शन किया जाएगा। फल एवं सब्जी फसलों में समन्वित कीट एवं रोग प्रबंधन विषय पर विशेषज्ञों द्वारा किसानों को तकनीकी जानकारी प्रदान की जाएगा।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने क्षेत्र के किसानों, विद्यार्थियों एवं कृषि से जुड़े हितधारकों से कार्यक्रम में अधिकाधिक संख्या में सहभागी बनने की अपील की है। यह आयोजन पर्यावरण संरक्षण, मृदा स्वास्थ्य संवर्धन तथा टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध होगा।

Advertisement
Advertisement 1 Advertisement 2 Advertisement 2 Advertisement 3 Advertisement 4 Advertisement 5 Advertisement 6 Advertisement 7 Advertisement 8 Advertisement 9 Advertisement 10 Advertisement 11 Advertisement 12

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!