करगा गभरा की सीमेंट फैक्ट्री पर पर्यावरण नियमों की अनदेखी का आरोप, धूल-धुएं से ग्रामीण परेशान

अम्लेश्वर/जामगांव एम। पाटन विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत करगा गभरा स्थित एक सीमेंट फैक्ट्री पर ग्रामीणों ने पर्यावरण संरक्षण के नियमों का पालन नहीं करने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि फैक्ट्री के संचालन से लंबे समय से धूल, धुआं और ध्वनि प्रदूषण की समस्या बनी हुई है, जिससे आसपास के लोगों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार फैक्ट्री से निकलने वाला काला धुआं आसपास के मकानों की छतों पर परत के रूप में जम जाता है। इसके साथ ही धूल के कारण लोगों को सांस संबंधी एवं अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है।



ग्रामीणों ने यह भी बताया कि फैक्ट्री प्रबंधन द्वारा पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की गई है। फैक्ट्री परिसर के बाहर तथा आसपास के क्षेत्र में पर्याप्त वृक्षारोपण नहीं किया गया है। गांव के भीतर भी कंपनी की ओर से हरित विकास या पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी कोई विशेष गतिविधि संचालित नहीं की गई है। जबकि अभी बारिश का मौसम चल रहा है फिर
ग्रामीणों का कहना है कि फैक्ट्री की स्थापना से पहले रोजगार, विकास कार्य, पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण सुविधाओं को लेकर कई वादे किए गए थे, लेकिन आज तक अधिकांश वादे अधूरे हैं। उनका यह भी आरोप है कि कंपनी की ओर से गांव के लोगों के लिए किसी प्रकार की विशेष सुविधा या जनहितकारी कार्य नहीं किए जा रहे हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन एवं संबंधित पर्यावरण विभाग से मामले की जांच कर फैक्ट्री में पर्यावरण मानकों का पालन सुनिश्चित कराने तथा प्रदूषण नियंत्रण के लिए आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।
वर्जन: गांव में पर्यावरण संरक्षण के लिए पेड़ पौधे अभी नहीं लगाया है। पिछले बार कुछ जगह लगाया था। लेकीन सुरक्षा कवच नही होने के कारण पौधे जीवित नहीं रहे और गांव में भी किसी प्रकार का कोई जनहित कार्य नही करते। सरपंच कमलेश ठाकर



