तीजा-पोरा हमारी माटी और कृषि संस्कृति का प्रतीक : कल्पना नारद साहू
पाटन। छत्तीसगढ़ का तीजा-पोरा तिहार हमारी माटी, लोक परंपरा और कृषि संस्कृति का जीवंत प्रतीक है। उक्त बातें सोशल मीडिया के माध्यम से साझा करते हुए पाटन विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक 12 की जिला पंचायत सभापति श्रीमती कल्पना नारद साहू ने कही।
उन्होंने कहा कि तीजा पर्व मातृशक्ति के अटूट विश्वास, आस्था और सुहाग की मंगलकामना का पर्व है, वहीं पोला पर्व हमारे अन्नदाता किसानों के सच्चे साथी नंदी-बैलों के प्रति कृतज्ञता एवं सम्मान प्रकट करने का अवसर है। छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति में इन पर्वों का विशेष महत्व है।
श्रीमती साहू ने कहा कि तीजा-पोरा जैसे पारंपरिक आयोजन हमारी लोक संस्कृति और विरासत को जीवंत बनाए रखते हैं। साथ ही, ये पर्व आने वाली पीढ़ियों को अपनी गौरवशाली परंपराओं, रीति-रिवाजों और कृषि संस्कृति से जोड़ने का कार्य करते हैं।
इस अवसर पर जिला पंचायत सभापति श्रीमती कल्पना नारद साहू ने समस्त क्षेत्रवासियों को श्रीगणेश चतुर्थी, तीजा एवं पोला पर्व की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए सभी के सुख, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।







