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पाटन में ‘लइका चिनहारी’ ऐप का प्रशिक्षण संपन्न, आउट ऑफ स्कूल बच्चों की पहचान पर जोर

पाटन, दुर्ग। विकासखंड पाटन के बीआरसी कार्यालय में मंगलवार को दोपहर 12 बजे से ‘लइका चिनहारी’ (Laika Chinhari) मोबाइल ऐप के प्रभावी क्रियान्वयन एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य विद्यालय से बाहर रहने वाले बच्चों (आउट ऑफ स्कूल चिल्ड्रन) की पहचान, पंजीयन एवं उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना है।

मास्टर ट्रेनर ने समझाई ऐप की कार्यप्रणाली

प्रशिक्षण के दौरान मास्टर ट्रेनर श्री अरविंद बंजारे ने सीएसी (CAC) साथियों को ऐप के संचालन एवं सर्वेक्षण की प्रक्रिया विस्तार से समझाई। उन्होंने बताया कि सर्वेयर को सबसे पहले ऐप पर अपना पंजीयन करना होगा। इसके बाद सीएसी द्वारा पंजीयन का अनुमोदन किया जाएगा। अनुमोदन मिलने के पश्चात सर्वेयर बच्चों से संबंधित जानकारी एकत्र कर सर्वेक्षण का कार्य करेंगे। सर्वेक्षण पूरा होने के बाद अंतिम अनुमोदन की प्रक्रिया भी सीएसी के माध्यम से संपन्न होगी।

अधिकारियों ने डिजिटल पहल को प्रभावी बनाने दिए निर्देश

कार्यक्रम में समग्र शिक्षा दुर्ग के एपीसी एवं नोडल अधिकारी श्री संजय राजपूत तथा डीएमसी श्री विनोद सिन्हा विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने ऐप के उपयोग एवं तकनीकी पहलुओं पर मार्गदर्शन देते हुए प्रशिक्षणार्थियों को इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रेरित किया।

उपस्थित अधिकारियों ने सभी सहभागियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में ऐप का गंभीरता से उपयोग करते हुए सर्वेक्षण कार्य समयबद्ध एवं सटीक तरीके से पूर्ण करें। किसी भी प्रकार की तकनीकी समस्या आने पर तत्काल उच्च अधिकारियों को अवगत कराने के निर्देश भी दिए गए। साथ ही बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए डिजिटल पहलों को पूरी तन्मयता से अपनाने की अपील की गई।

बीआरसीसी ने जताया आभार

प्रशिक्षण के समापन पर विकासखंड स्रोत समन्वयक (बीआरसीसी) पाटन श्री गुनेश्वर प्रसाद वर्मा (जी.पी. वर्मा) ने प्रशिक्षण प्रदान करने वाले सभी मास्टर ट्रेनर्स, उपस्थित अधिकारियों एवं सीएसी साथियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

यह प्रशिक्षण पाटन विकासखंड में विद्यालय से बाहर रहने वाले बच्चों का सटीक सर्वेक्षण करने तथा शत-प्रतिशत बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।

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