ईडी और अडानी के खिलाफ कांग्रेस का चक्काजाम, सिरसा गेट चौक पर दो घंटे तक जाम, आमजन रहे परेशान

भिलाई 03 : पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उनके पुत्र चैतन्य बघेल पर ईडी की कार्रवाई और छत्तीसगढ़ के जंगलों की कटाई के विरोध में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर मंगलवार को दुर्ग जिले के विभिन्न स्थानों पर चक्काजाम किया गया। आंदोलन का सबसे प्रभावशाली केंद्र सिरसा गेट चौक रहा, जहां दो घंटे तक यातायात पूरी तरह ठप रहा। प्रदर्शन से आमजन को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। भिलाई तीन चरौदा निगम सहित नगर पालिका कुम्हारी,अमलेश्वर के कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।

जिला प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए थे। एडीएम वीरेंद्र सिंह, एएसपी सुखनंदन राठौर, एसडीएम महेश सिंह राजपूत, डीएसपी अजय सिंह, तहसीलदार, थाना प्रभारी और अन्य राजस्व अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।
जंगल, जमीन और न्याय की लड़ाई: कांग्रेस नेताओं का विरोध
भिलाई-चरोदा निगम महापौर निर्मल कोसरे ने कहा, “छत्तीसगढ़ की खनिज और वन संपदा अडानी के हाथों बेची जा रही है। हसदेव अरण्य और रायगढ़ के जंगलों की कटाई इसका प्रमाण है। भारतीय जनता पार्टी की सरकार अडानी के हित में काम कर रही है। जब तक एक भी कांग्रेसी जीवित है, छत्तीसगढ़ को बिकने नहीं देंगे।”
सभापति कृष्णा चंद्राकर ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, “ईडी और सीबीआई का दुरुपयोग कर विपक्ष को डराने का काम किया जा रहा है। चैतन्य बघेल को बिना ठोस सबूत गिरफ्तार किया गया, यह तानाशाही है। हमारा आंदोलन अडानी भगाओ–छत्तीसगढ़ बचाओ के लिए है। अगली बार आंदोलन और उग्र होगा।”
जिला कांग्रेस अध्यक्ष राकेश ठाकुर ने कहा, “हसदेव और तमनार जैसे इलाकों में जंगल कट रहे हैं। बस्तर और सरगुजा जैसे संवेदनशील क्षेत्र खतरे में हैं। पर्यावरणीय असंतुलन के कारण बारिश के बावजूद उमस बनी हुई है। जब से भाजपा सरकार आई है, प्रदेश का हरित क्षेत्र 35% से घटकर 10% रह गया है।”
‘युवा बेरोजगार, जंगल उजड़ रहा है’: कांग्रेस का आक्रोश
नेता सुजीत बघेल ने कहा, “अडानी के लिए जंगलों की कटाई कर छत्तीसगढ़ के युवाओं से रोजगार छीन लिया गया है। अगर कोई इसके खिलाफ आवाज उठाता है तो उसे झूठे मामलों में फंसाया जाता है। चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी इसका ताजा उदाहरण है।”
नेता नजरुल इस्लाम ने कहा, “अडानी की वजह से आदिवासी समुदाय सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहा है। जल, जंगल और जमीन को बचाने के लिए कांग्रेस सड़क पर है।”
ब्लॉक अध्यक्ष मनोज मढ़रिया ने बताया, “प्रदेश कांग्रेस के निर्देश पर आज पूरे जोश और एकजुटता से आर्थिक नाकेबंदी की गई। जनता का सहयोग मिला, यह हमारी सफलता का संकेत है।”
पूर्व पार्षद लावेश मदनकर ने कटाक्ष करते हुए कहा, “एक तरफ भाजपा पेड़ लगाने की बात करती है, दूसरी तरफ अडानी को पूरा जंगल सौंप दिया गया है। यह दोहरा चरित्र अब जनता समझ चुकी है।”
जमकर हुआ प्रदर्शन, पर आम लोगों को झेलनी पड़ी परेशानी
चक्काजाम के चलते सिरसा गेट चौक समेत मिनीमाता चौक पुलगांव, नेहरू नगर चौक, जामुल एसीसी चौक, सेलूद चौक और दुर्ग-बेमेतरा मुख्य मार्ग पर यातायात घंटों प्रभावित रहा। राहगीरों, स्कूली बच्चों, ऑफिस जाने वालों और एंबुलेंस तक को भी रुकना पड़ा।
कांग्रेस ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह अडानी और केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में पूरी ताकत से मैदान में उतर चुकी है। चक्काजाम की यह कार्रवाई आने वाले समय में और बड़े आंदोलन की भूमिका बन सकती है।








