अमलेश्वरकुम्हारीखेती किसानी के गोठचरौदाछत्तीसगढ़जामगांव आरदुर्ग भिलाईदेश दुनियाधमतरीपाटनबालोदभिलाई 3राजनांदगांवरानीतराईरायपुरसेलूद

खेती-किसानी से जुड़े पारंपरिक कृषि औजारों की विधिवत पूजा-अर्चना कर क्षेत्र में अच्छी फसल, हरियाली एवं समृद्धि की किसानों ने की मंगलकामना /कल्पना साहू

रानीतराई 24 जुलाई  : जिला पंचायत सभापति दुर्ग श्रीमती कल्पना नारद साहू क्षेत्र वासियों को छत्तीसगढ़ के पहली तिहार हरेली की बधाई देते हुए कहा कि खेती-किसानी से जुड़े पारंपरिक कृषि औजारों की विधिवत पूजा-अर्चना कर क्षेत्र में अच्छी फसल, हरियाली एवं समृद्धि की मंगलकामना आज किसानों ने  की है।

छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति में हरेली तिहार का विशेष स्थान है। सावन महीने की पहली अमावस्या को मनाया जाने वाला यह पर्व न केवल हरियाली और पर्यावरण संरक्षण का प्रतीक है, बल्कि कृषि आधारित जीवनशैली, पारंपरिक आस्था और सामाजिक समरसता का उत्सव भी है यह पर्व उस समय आता है जब किसान अपने खेतों में बीज बो चुके होते हैं और अच्छी बारिश की प्रतीक्षा कर रहे होते हैं। इस दिन हल, कुदाल, गैंती जैसे कृषि उपकरणों की पूजा कर प्रकृति और श्रम के प्रति आभार प्रकट किया जाता है।

श्रीमती साहू ने आगे कहा पशुधन की सुरक्षा और कल्याण की कामना के लिए भी विशेष परंपराएं निभाई जाती हैं। किसान सुबह अपने पशुओं को गेहूं के आटे की लोई बनाकर खिलाते हैं। राउत समाज के चरवाहे जंगल से लाई गई जड़ी-बूटियों को उबालकर गौठान में पशुओं को पिलाते हैं, जिससे वे रोगमुक्त रहें। इसके बदले किसान उन्हें चावल, दाल आदि भेंट स्वरूप प्रदान करते हैं। यह परंपरा ग्रामीण जीवन में सामूहिकता, सेवा भावना और पारंपरिक ज्ञान की मिसाल है।

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!