एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएँ ठप – ढालेश साहू
टीकाकरण, मातृ-शिशु सुरक्षा जैसे योजना प्रभावित
दुर्ग: छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के कर्मचारियों की नौ दिनों से जारी हड़ताल ने प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को चरमराकर रख दिया है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और उप-स्वास्थ्य केंद्रों के बंद रहने से गर्भवती महिलाओं की जाँच, टीकाकरण, डेंगू-मलेरिया नियंत्रण सहित मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाएँ बाधित हो गई हैं।
ग्रामीण अंचलों में स्वास्थ्य सुविधाएँ पूरी तरह ठप होने से आमजन को मजबूरी में निजी अस्पतालों की ओर रुख करना पड़ रहा है। इससे गरीब और निम्नवर्गीय परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ गया है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार टीकाकरण और जन-जागरूकता अभियान भी प्रभावित हुए हैं, जिससे आने वाले दिनों में संक्रामक रोगों का खतरा और बढ़ सकता है।



एनएचएम कर्मचारी अपनी 10 सूत्रीय माँगों को लेकर आंदोलनरत हैं। इनमें नियमितीकरण, वेतनमान सुधार और सेवा शर्तों को स्पष्ट करने जैसी माँगें शामिल हैं। हड़ताल लम्बी खिंचने से न केवल स्वास्थ्य सेवाएँ बाधित हो रही हैं बल्कि मरीजों की जान भी जोखिम में पड़ रही है।
जनपद सदस्य व किसान नेता ढालेश साहू ने कहा कि
प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएँ पूरी तरह ठप होना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। टीकाकरण, मातृ-शिशु देखभाल और आपातकालीन उपचार जैसी सेवाएँ रुक जाने से आमजन की जान जोखिम में है। राज्य सरकार को तत्काल संवेदनशीलता दिखाकर आंदोलनरत कर्मचारियों से बातचीत करनी चाहिए , जनता का जीवन और स्वास्थ्य सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।



