एसडीएम से लेकर जिला कलेक्टर तक किसानों से मिलने को तैयार नहीं, अब आयुक्त के दरवाज़े पर दस्तक देंगे
सिद्ध हुआ – दुर्ग जिला प्रशासन किसान विरोधी / किसान नेता ढालेश साहू
400 के.वी. ट्रांसमिशन लाइन परियोजना से प्रभावित किसानों में आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। शासन ने 10 मार्च 2025 को आदेश जारी किया था कि टावर बेस पर 200 प्रतिशत और शेष प्रभावित भूमि पर 30 प्रतिशत मुआवज़ा दिया जाएगा। लेकिन आज तक किसानों को उनका हक़ नहीं मिल पाया है।



किसानों ने बार-बार प्रशासन से गुहार लगाई, लेकिन कोई ठोस जवाब नहीं मिला। हाल ही में 11 सितम्बर को प्रभावित किसानों के प्रतिनिधि मंडल ने जिला कलेक्टर को आवेदन देकर मुलाक़ात और बैठक की मांग की थी, ताकि मुआवज़े की समस्या का समाधान निकले। मगर प्रशासन ने चुप्पी साध ली और बैठक बुलाने तक की ज़हमत नहीं उठाई।
किसानों का आरोप है कि एसडीएम से लेकर जिला कलेक्टर तक की बेरुख़ी यह साबित करती है कि सरकार और जिला प्रशासन किसान विरोधी नीति पर काम कर रहे हैं।
अब नाराज़ किसानों ने ऐलान किया है कि वे सोमवार 15 सितम्बर 2025 को प्रतिनिधि मंडल द्वारा दुर्ग सम्भाग आयुक्त से मुलाक़ात करेंगे और अपनी समस्याओं को सीधे उनके सामने रखेंगे।
*किसान नेता ढालेश साहू का बयान*
“किसानों को उनका वैधानिक हक़ और उचित मुआवज़ा न मिलना न्याय व्यवस्था के साथ भी खिलवाड़ है। हमने हमेशा लोकतांत्रिक और न्यायिक प्रक्रिया पर भरोसा किया है, लेकिन जिला प्रशासन और सरकार का रवैया यह दिखाता है कि किसानों की समस्याओं को हल करने की कोई मंशा नहीं है।
अगर प्रशासन और सरकार न्याय की व्यवस्था का सम्मान करते हुए जल्द समाधान नहीं करते, तो किसान न्याय पाने के लिए आंदोलन करने पर मजबूर होंगे। हम शांतिपूर्ण ढंग से अपनी आवाज़ उठा रहे हैं, लेकिन अगर यह आवाज़ अनसुनी रही तो किसान सड़क पर उतरकर न्याय की लड़ाई लड़ेंगे।”



