विघुत टावर लाइन मामला- मुआवजा के लिए मुख्यमंत्री से मिलेंगे- किसान गुरुवार को पहुंचेगे मुख्यमंत्री कार्यालय
दुर्ग: 400 के.वी. रायपुर–धमतरी ट्रांसमिशन लाइन परियोजना में किसानों को मुआवज़ा वितरण में भारी अनियमितताओं का आरोप लगाया गया है। शासनादेश दिनांक 10 मार्च 2025 में स्पष्ट प्रावधान है कि टॉवर बेस के लिए भूमि मूल्य का 200 प्रतिशत और राइट ऑफ वे (ROW) के लिए 30 प्रतिशत मुआवज़ा दिया जाएगा, लेकिन किसानों को केवल 80 प्रतिशत और 15 प्रतिशत ही भुगतान किया गया है।
किसान नेता ढालेश साहू ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा स्थिति यह है कि दुर्ग जिले के लगभग 1650 किसानों को करीब करोड़ों रुपए का मुआवज़ा मिलना है। इस परियोजना से 100 गाँवों के किसान प्रभावित हैं। किसानों का कहना है कि उनकी कृषि भूमि पर टॉवर और हाईवोल्टेज लाइन गुजरने से खेती का उपयोग सीमित हो गया है, लेकिन उसका उचित मूल्यांकन नहीं किया गया।
किसानों का आरोप है कि जिला प्रशासन ने शासनादेश और दुर्ग सांसद विजय बघेल के निर्देशों की भी खुलेआम अनदेखी की है।
इसी मुद्दे को लेकर किसानों की बैठक हाल ही में ग्राम मचांदुर में आयोजित की गई, जहाँ बड़ी संख्या में प्रभावित किसान एकत्र हुए और सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि वे अपनी समस्याओं को सीधे मुख्यमंत्री के सामने रखेंगे।
इसी क्रम में प्रभावित किसान आगामी गुरुवार, 4 सितम्बर 2025 को छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से रायपुर में मुलाक़ात कर ज्ञापन सौंपेंगे। प्रतिनिधि मंडल प्रभावित किसान रणमत साहू, जसलोक साहू, थानसिंग, विष्णु निषाद, राधेश्याम यादव, राजगिरी गोस्वामी, पुनाराम, प्रेमलाल देवांगन, शिवनंदन कोठारी, नंद कुमार, खोमलाल, डिगम्बर साहू, सुरेन्द्र पटेल, शनिराम, गजेन्द्र कुमार, हुमेन्द साहू, व्दारिका साहू, रूद्रेश्वर प्रसाद, सोमनाथ, मनोहर, मोहपाल साहू और रमेश साहू, जनपद सदस्य व किसान नेता ढालेश साहू प्रमुख रूप से शामिल रहेंगे।






