राष्ट्रीय सेवा योजना के तहत रानीतराई महाविद्यालय में एड्स जागरुकता पर चलचित्र दिखाया

रानीतराई : स्व. दाऊ रामचंद्र साहू शासकीय महाविद्यालय रानीतराई में एड्स जागरूकता पर चलचित्र का प्रदर्शन डॉ. अरुण कुमार मिश्रा के निर्देशन में किया गया। यह कार्यक्रम महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना की कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती शगुफ्ता सिद्दीकी के सहयोग से आयोजित किया।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ अरुण कुमार मिश्रा ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा- भारत एचआईवी/एड्स उन्मूलन की दिशा में लगातार कठिन प्रयास कर रहा है। एड्स बीमारी ने देश की एक बड़ी आबादी को अपने प्रभाव में जकड़ रखा है। एचआईवी से संबंधित मामलों को पूर्ण रूप से ख़त्म किये जाने के प्रयास किये जा रहे हैं । पिछले कुछ वर्षों में भारत ने इस प्रयास में सफलता भी पाई है। भारत को “पूर्णतः एड्स मुक्त” होने में अभी काफी समय लगेगा और इसमें हम सबकी भागीदारी सुनिश्चित करनी होगी है।
सहायक प्राध्यापक श्री चंदन गोस्वामी ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा- एड्स एक ऐसी जानलेवा बीमारी है जो मानवीय प्रतिरक्षी अपूर्णता विषाणु (एचआईवी) संक्रमण के बाद होती है। एचआईवी संक्रमण के पश्चात मानवीय शरीर की प्रतिरोधक क्षमता घटने लगती है। एड्स का पूर्ण रूप से उपचार अभी तक संभव नहीं हो सका है। एचआईवी संक्रमित व्यक्ति में एड्स की पहचान संभावित लक्षणों के दिखने के पश्चात ही हो पाती है। रोग रोकथाम एवं निवारण केंद्र द्वारा एड्स के संभावित लक्षण बताये गए हैं। एचआईवी संक्रमित व्यक्ति, जो किसी गंभीर बीमारी से ग्रसित नहीं है, में एड्स के लक्षणों की जाँच विशेष रक्त जाँच (cd4+ कोशिका गणना) के आधार पर की जा सकती है। राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती शगुफ्ता सिद्दीकी ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा-एचआईवी संक्रमण का अर्थ यह नहीं है कि वह व्यक्ति एड्स से भी पीड़ित हो। एड्स के लक्षण दिखने में 8 से 10 वर्ष तक का समय लग सकता है। एड्स की पुष्टि चिकित्सकों द्वारा जाँच के पश्चात ही की जा सकती है।
एचआईवी जागरुकता पर चलचित्र प्रदर्शित किया जिसके माध्यम से छात्र छात्राओं को ऐड्स जागरूकता के अंतर्गत सावधानियां, किन कारणों से ऐडस नहीं फैलता, ऐड्स के बचाओ इत्यादि को दिखाया गया।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के वरिष्ठ सहायक प्राध्यापक श्री चंदन गोस्वामी, सुश्री भारती गायकवाड, श्रीमती अंबिका ठाकुर बर्मन, श्रीमती आराधना देवांगन, सुश्री रेणुका वर्मा, अतिथि व्याख्याता में श्री टीकेश्वर कुमार पाटिल, सुश्री शिखा मड़रिया, श्री वेणु कुमार साहू, कार्यालय कर्मचारी में श्री नरेश मेश्राम, श्रीमती महेश्वरी निषाद, कुमारी सीमा वर्मा, श्रीमती निर्मला एवं समस्त छात्र-छात्राएं अधिक संख्या में उपस्थिति थे ।



