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साय सरकार का नेवता भोजन मन को बहुत भाया ,बाल देवों को गुप्त दान के रूप मे कराया नेवता भोजन

पुण्य कमाने की श्रद्धा भी जगायी नेवता भोजन

पाटन : छत्तीसगढ़ के बिष्णु देव साय सरकार का नेवता भोजन स्वैच्छिक योजना का स्वाद दिनों दिन परवान चढ़ते जा रहा है। वास्तव मे इस योजना का पवित्र उद्देश्य स्कूल के बच्चों को जन सामान्य के विविध पारिवारिक, सामाजिक उत्सव, पर्वों पर स्वादिष्ट पौष्टिक आहार उपलब्ध कराना है। इसके लिए शिक्षा विभाग एवं बुद्धजीवियों द्वारा अधिकाधिक प्रचार प्रसार कर जनजागृति लाना कि कैसे सामाजिक या पारिवारिक उत्सव भोज मे से स्कूल के बच्चों को भी स्वादिष्ट भोजन उपलब्ध करा सकते हैं। गांव गांव मे शिक्षकों ने इसका काफी प्रचार प्रसार किया और स्वयं के जन्मदिन, वैवाहिक कार्यक्रम या अन्य उत्सव पर भोजन कराने का सिलसिला चल पड़ा । अब तो यह बहुत लोक प्रिय भी हो गया है ‌।आए दिन समाचार एवं अन्य सोशल मीडिया के माध्यम से नेवता भोजन की गुंज सुनाई देती है।

14 नवंबर को वीर बाल दिवस के अवसर पर शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय कुम्हली के बच्चों को एक दानदाता ने गुप्त दान के रूप मे नेवता भोजन कराया। स्कूल के शिक्षक छन्नूलाल साहू बताते हैं कि उनके मित्र के बेटी की जन्मदिन पर उन्होंने इसी खुशी मे स्कूल के बच्चों को भी भोजन कराने की बात मजाकिया लहजे मे रखी तो वह सज्जन सच मे भोजन कराने तैयार हो गया लेकिन उन्होंने इसे अपने धार्मिक मान्यता के आधार पर गुप्त दान के रूप** बाल देवो भव ** की आध्यात्मिक भाव से भोजन कराने का निर्णय लिया। गुरुजी की बात को उन्होंने गुरु आज्ञा के रूप मे स्वीकार किया।

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आज भी भारतीय समाज प्राचीन गुरु परंपरा को अक्षुण्ण बनाए रखें हैं और यही भारतीय संस्कृति सभ्यता का वास्तविक पहचान है।

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भारत की हर बाला देवी,बच्चा बच्चा राम है।

इस अवधारणा को समाज अंगीकार कर ले तो निश्चित ही इस देश का हर बच्चा सुसंस्कारित नागरिक बनकर राष्ट्र का सुनहरे गौरव गाथा लिखेगा इसमे कोई अतिशयोक्ति नहीं है।

14 नवंबर को नई राष्ट्रीय नीति की बुनियादी भाषा एवं संख्यात्मक ज्ञान के आकलन के विद्यालय मे एफ एल एन मेला का भी आयोजन किया था।

संस्था के प्रधान पाठक श्री मती प्रभा सिंह ने उस दानदाता के पुत्री के जन्मदिन दिवस पर उनके उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि आज बेटियां समाज के प्रत्येक क्षेत्र मे अपने कार्यकुशलता का लोहा मनवा रहीं ,यह बेटी भी बड़ी होकर पिता का नाम रोशन करेगी ऐसी शुभकामनाएं है।नेवता भोजन के लिए बहुत बहुत धन्यवाद व्यक्त किए हैं।

इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षक अनेश्वर चंद्राकर,हुषनलाल चंद्राकर , यशोदा नायक, सीमा चंद्राकर और शाला प्रबंधन समिति के पदाधिकारी, सदस्य एवं पालक उपस्थित थे।

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