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जन्म जन्मांतर से पाप करने वाला भी अंतिम समय भगवान का नाम लेता है तो उसे मुक्ति मिल जाती है /भुपेन्द्र पांडे

जहाँ की मिट्टी भी पारस है उस देश का नाम भारत है भुपेन्द्र पांडे

पाटन: अहगन के पवित्र माह में पिन्टु वर्मा परिवार द्वारा आयोजित श्रीमद भागवत कथा के चौथे दिन सुकदेव परीक्षित को कथा सुनाते हुए गुंडरदेही के कथावाचक भुपेन्द्र पांडे ने कहा कि श्रीकृष्ण के जन्म और उनके बाल लीओ का वर्णन करते हुए कहा है कि अत्याचारी कंस ने भविष्यवाणी सुनी कि उसकी बहन देवकी के आठवें पुत्र द्वारा उसकी मृत्यु होगी, इसलिए उसने देवकी और वासुदेव को जेल में डाल दिया। इसके बाद, श्रीकृष्ण का जन्म मथुरा के कारागार में भाद्रपद की अष्टमी तिथि को हुआ, जिसके बाद वासुदेव ने उन्हें बाल-रूप में गोकुल में नंद और यशोदा के पास पहुंचा दिया ताकि वे कंस से सुरक्षित रह सकें।जहाँ की मिट्टी भी पारस है उस देश का नाम भारत है ।जन्म जन्मांतर से पाप करने वाला भी अंतिम समय भगवान का नाम लेता है तो उसे मुक्ति मिल जाती है

कंस, राजा उग्रसेन को हटाकर मथुरा का राजा बना और अपनी बहन देवकी के विवाह के बाद आकाशवाणी सुनकर डर गया कि देवकी का आठवां पुत्र उसकी मृत्यु का कारण बनेगा। कंस ने देवकी और वासुदेव को कारागार में बंद कर दिया और देवकी की हर संतान को मार डाला। लेकिन, जब देवकी ने भगवान को जन्म दिया, तो योगमाया के प्रभाव से शेषनाग बलराम के रूप में रोहिणी के गर्भ में चले गए। अकबर बादशाह भी तुलसी की पुजा करते थे अति का हमेशा अंत होता है। किसी पर भी अधिक मोह नहीं करना क्योंकि अंतिम समय में जो मन मे रहता है वही पुनः जन्म में प्राप्त करते है ।भाद्रपद, कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को आधी रात को, रोहिणी नक्षत्र में श्रीकृष्ण का जन्म हुआ।वासुदेव नवजात शिशु को टोकरी में रखकर कारागार से बाहर निकले। पहरेदार सो गए, जेल के ताले खुल गए और यमुना नदी भी रास्ता देने लगी। वासुदेव बालक को गोकुल में यशोदा और नंद के पास छोड़कर, वहां जन्मी कन्या को ले आए। श्रीकृष्ण का पालन-पोषण गोकुल में नंद और यशोदा ने किया। बचपन में ही उन्होंने कंस द्वारा भेजी गई राक्षसों, जैसे पूतना और शकटासुर, का वध कर दिया।

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इस कथा में प्रमुख रुप से पिन्टु वर्मा पुष्कर वर्मा चन्दुलाल वर्मा नंदकुमार वर्मा ईश्वरीय वर्मा बलराम वर्मा योगिता वर्मा मंजु वर्मा बदरा बाई कल्याणी बाई बिन्दु बाई मनीषा वर्मा दुर्गा वर्मा पुजा वर्मा भुनेश्वरी खोमेन्द्र विनय मेघु टिकेन्द्र नाथ पुनीत वर्मा सहित इंदिरा नगर पाटन मुहल्लावासी उपस्थित थे ।

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प्रदेश मंत्री श्री जितेन्द्र वर्मा जी मंडल अध्यक्ष श्रीमती रानी बंछोर केशव बंछोर दिलिप साहु ने कथा पंडाल में पहुँच कर कथा श्रवण कर महराज जी से आशीर्वाद प्राप्त किया ।

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