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निजी डबरी निर्माण से खेतों की सिंचाई, मत्स्य पालन और आय में हुई वृद्धि

दुर्ग, 16 दिसंबर 2025/ दुर्ग जिले के विकासखंड पाटन के ग्राम पंचायत गुजरा के आश्रित ग्राम मटिया में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत हितग्राही श्री खिलेश्वर वर्मा के खेत में निजी डबरी निर्माण कार्य किया गया। यह कार्य ग्रामीण विकास, जल-संरक्षण की दिशा में मिसाल बनकर सामने आया।

हितग्राही श्री खिलेश्वर वर्मा पहले अपने खेतों की सिंचाई हेतु वर्षा पर निर्भर रहती थी, परंतु डबरी निर्माण होने से अब वे किसी भी मौसम में अपने खेतों की सिंचाई सुचारू रूप से कर पा रही हैं। कृषि के लिए सिंचाई सुविधा अत्यंत आवश्यक है, जिसकी पूर्ति मनरेगा योजना के माध्यम से प्रभावी रूप से हुई। पूर्व में जल-अभाव के कारण हितग्राही की लगभग 2.5 हेक्टेयर भूमि में केवल खरीफ सीजन में धान की एक ही फसल ली जाती थी, जिससे प्रतिवर्ष लगभग 70 हजार रूपए की आय होती थी। अब डबरी निर्माण से किसान की भूमि सिंचित होने के साथ-साथ आय में भी बढ़ोतरी हुई है।

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डबरी निर्माण के बाद जल उपलब्धता बढ़ने से इस वर्ष किसान द्वारा धान के साथ-साथ डबरी की मेड़ पर अरहर की फसल भी ली गई, जिससे धान से अनुमानित 9 हजार तथा अरहर से लगभग 5 हजार की अतिरिक्त आय होने की संभावना है। साथ ही मत्स्य पालन विभाग के सहयोग से डबरी में 5 हजार का मछली बीज डाला गया। एक वर्ष बाद मछली उत्पादन से किसान ने लगभग 50 हजार की आय अर्जित कर अपनी आर्थिक स्थिति को और अधिक मजबूत बनाया है। मनरेगा के माध्यम से निर्मित यह डबरी न केवल जल-संरक्षण के लिए प्रभावी सिद्ध हुई है, बल्कि इससे कृषक की आजीविका, कृषि उत्पादन और आय-वृद्धि को नई दिशा मिली है।

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